हैदराबाद: सैफाबाद में LIC मुख्यालय के बाहर हंगामे की कोशिश, युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अरेस्ट

देश में मौजूदा समय में केंद्र की हालिया योजना अग्निपथ और नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल गांधी से हो रही ईडी की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है. बिना इजाजत प्रदर्शन करने के आरोप में देश के अलग-अलग शहरों की पुलिस ने कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी ले रखा है.

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राहुल गांधी के समर्थन में हैदराबाद युवा कांग्रेस के नेता कर रहे हैं प्रदर्शन (फाइल फोटो) राहुल गांधी के समर्थन में हैदराबाद युवा कांग्रेस के नेता कर रहे हैं प्रदर्शन (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • हैदराबाद,
  • 20 जून 2022,
  • अपडेटेड 4:31 PM IST
  • अग्निपथ, ED की पूछताछ के खिलाफ हो रहा है प्रदर्शन
  • देश में भी पिछले चार दिनों से लगातार हो रहा है विरोध

देश में इस समय केंद्र की अग्निपथ सेना भर्ती योजना और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से पूछताछ के विरोध में लगातार विरोध हो रहा है. आज भी दिल्ली समेत देश के कई राज्यों में दोनों ही मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हुए. हैदराबाद में भी युवा कांग्रेस ने विरोध किया. यहां युवा कांग्रेस के अध्यक्ष मोटा रोहित ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ एलआईसी मुख्यालय पहुंचकर हंगामा करने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. 

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अजय माकन ने कहा- योजना वापस ले सरकार

कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि हमारी मांग है कि 'अग्निपथ योजना' को वापस लिया जाए और पार्लियामेंट में डिस्कस किया जाए और युवाओं को विश्वास में लिया जाए और बात की जाए. उसके बाद ही कोई ऐसी योजना लेकर आएं जो युवाओं और सेना में भर्ती से संबंधित है.

माकन ने कहा कि हमारी मांग है कि जिस तरह से लोकतंत्र के अंदर प्रमुख विपक्षी पार्टी के मुख्यालय पर हमला हुआ, जिस तरीके से पुलिस ने सांसदों का अपमान किया है, विशेषाधिकार समिति और स्पीकर को हमने रिक्वेस्ट की है कि वो इसे विशेषाधिकार समिति में दें और इसकी जांच करें.

'अग्निपथ स्कीम के पीछे RSS का हिडेन एजेंडा'

केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर देशभर में हिंसक प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं. इस बीच, राजनीतिक बयानबाजी भी तेज होती जा रही है. अब कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने बड़ा बयान दिया है. कुमारस्वामी ने कहा कि अग्निपथ के जरिए सेना पर नियंत्रण करने के लिए आरएसएस का छिपा हुआ एजेंडा है.

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उन्होंने जर्मनी में नाजी पार्टी की भी याद दिलाई और आगे कहा कि नाजी आंदोलन की शुरुआत अग्निपथ से होगी और अग्निवीरों का प्रयोग किया जाएगा. उन्होंने कहा कि आरएसएस कार्यकर्ता सेना के अंदर और बाहर भी अग्निवीर बन जाएंगे, यहां तक ​​कि उनकी सेवा समाप्त होने के बाद भी अपना काम करते रहेंगे.

RSS या सेना, कौन करेगा अग्निवीरों की भर्ती?

पूर्व सीएम कुमारस्वामी ने कहा- 10 लाख अग्निवीरों का चयन कौन करेगा? आरएसएस के नेता उन्हें चुनेंगे या सेना उन्हें चुनेगी. जिन 10 लाख लोगों की भर्ती की जाएगी, उनमें शायद आरएसएस के कार्यकर्ता भी पहुंच जाएं. वे 2.5 लाख आरएसएस कार्यकर्ताओं को सेना में भर्ती करवा सकते हैं और उनका छिपा एजेंडा यह है कि 75% को 11 लाख रुपये के साथ बाहर भेजा जाएगा. वे पूरे देश में फैलेंगे.

कुमारस्वामी ने कहा- अंदर और बाहर के लोग आरएसएस के होंगे, वे सेना के आरएसएस अधिग्रहण की योजना बना रहे हैं. ये RSS का छिपा हुआ एजेंडा है. कुमारस्वामी ने इस योजना को 'आरएसएस का अग्निपथ' करार दिया और जर्मनी में हिटलर के नाजी शासन को याद किया. उन्होंने कहा कि शायद वे (आरएसएस) उस (नाजी शासन) को हमारे देश में लागू करना चाहते हैं, जिसके लिए उन्होंने अग्निपथ या अग्निवीर बनाया है. बहस के लिए और भी बहुत सी चीजें हैं, मुझे इस बारे में कुछ संदेह है.

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