रेलवे की सुरक्षा सवालों में, CCTV के लिए निर्भया फंड से जारी 500 करोड़ फांक रहे हैं धूल

स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के लिए वित्त मंत्रालय ने निर्भया कोष से 500 करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं. रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि सभी स्टेशनों पर सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है, लेकिन मोनिटरिंग सिस्टम के अभाव में यह मुश्किल साबित होगा.

Advertisement
भोपाल-उज्जैन रेल हादसा भोपाल-उज्जैन रेल हादसा

संदीप कुमार सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 08 मार्च 2017,
  • अपडेटेड 3:10 PM IST

पिछले एक साल के दौरान देश में कई रेल हादसे देखने को मिले हैं. इनमें से कुछ में आतंकियों के हाथ होने की बात भी सामने आई, जहां कि मंगलवार को भोपाल-उज्जैन ट्रेन में हुए धमाके में भी देखने को मिल रहा है. इस हमले ने हमारी सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को एक बार फिर उजागर किया, जहां रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए जारी फंड धूल फांक रहे हैं.

Advertisement

वरिष्ठ रेल अधिकारियों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने देश भर में भारी भीड़-भाड़ वाले कम से कम 1,000 रेल स्टेशनों और प्रमुख ट्रेनों को निगरानी के दायरे में लाने के लिए प्रत्येक के लिए 50 लाख रुपये आवंटित किए थे. हालांकि करीब इनमें से 95% स्टेशनों और ट्रेनों पर अब तक सीसीटीवी कैमरें नहीं लग पाएं हैं, जिससे किसी संदिग्ध गतिविधि को पकड़ पाना मुश्किल है.

सूत्रों के मुताबिक, स्टेशनों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा निर्भया फंड से जारी 500 करोड़ रुपयों का अब तक कोई इस्तेमाल नहीं किया गया है. वह भी तब, जबकि साल 2016-17 में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों की सुरक्षा में खतरे के 40 मामले अब तक सामने आ चुके हैं.

रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है, लेकिन निगरानी कैमरों की गैरमौजूदगी में यह नाकाफी ही साबित हो रहा है. वर्तमान में सिर्फ A1 और A श्रेणी के स्टेशनों पर ही सीसीटीवी कैमरे लगे, जबकि बाकी के स्टेशनों पर निगरानी सिस्टम नदारद हैं.

Advertisement

बता दें कि देश भर में करीब 8,000 रेलवे स्टेशन हैं, जिनमें से महज 75 स्टेशन A1 श्रेणी, तथा करीब 320 स्टेशन A श्रेणी में आते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »