रिकॉर्ड 18वीं बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेंगे BSF जवान दारा सिंह

दारा सिंह ने पहली बार 26 जनवरी, 1996 की परेड में हिस्सा लिया था. परेड में हिस्सा लेने वाले दारा सिंह, सबसे सीनियर जवानों में से एक रहेंगे.

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बीएसएफ जवान की टुकड़ी (फाइल) बीएसएफ जवान की टुकड़ी (फाइल)

मोहित ग्रोवर

  • नई दिल्ली,
  • 26 जनवरी 2018,
  • अपडेटेड 8:55 AM IST

देशभर में 69वां गणतंत्र दिवस पूरे आन-बान-शान से मनाया जा रहा है. शुक्रवार को राजपथ पर सेना की तीनों टुकड़ी थल, नभ, वायु सेना की ताकत दिखेगी. राजपथ पर आज एक और शानदार नज़ारा देखने को मिलेगा. 47 वर्षीय बीएसएफ जवान दारा सिंह रिकॉर्ड 18वीं बार गणतंत्र दिवस परेड में हिस्सा लेंगे.

दारा सिंह ने पहली बार 26 जनवरी, 1996 की परेड में हिस्सा लिया था. परेड में हिस्सा लेने वाले दारा सिंह, सबसे सीनियर जवानों में से एक रहेंगे. दारा सिंह ने पीटीआई को बताया कि यह उनके लिए काफी शान का विषय है कि वह हर बार परेड में शामिल होते हैं, उनके लिए उम्र मायने नहीं रखती है.

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दारा सिंह, रुस्तम-ए-हिंद दारा सिंह को अपनी प्रेरणा मानते हैं. उनका कहना है कि हर बार जब भी वह परेड में हिस्सा लेते हैं, तो उन्हें याद करते हैं.

जब उनसे पूछा गया कि इस उम्र में भी उन्हें क्या प्रेरणा देता है जिससे वो हर बार परेड में शामिल होते हैं. उन्होंने बताया कि मैं हरियाणा से हूं इसलिए भरपूर खाता हूं, जिससे मुझे नींद अच्छी आती है. और शरीर में स्फूर्ति रहती है. इसके अलावा प्रेरणा देने के लिए सिर्फ बीएसएफ का चिन्ह ही काफी है. अभी दारा सिंह की तैनाती मेघालय के पास है.

शार्पशूटर्स किए गए हैं तैनात

देश की राजधानी दिल्ली में राजपथ से लाल किले तक 8 किलोमीटर लंबी परेड मार्ग पर नजर रखने के लिए मोबाइल हिट टीम, विमान-रोधी प्रणालियों और शार्पशूटर्स को तैयार रखा गया है.

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ऊंची इमारतों पर शूटरों को तैनात किया गया है, वहीं बड़ी संख्या में सीसीटीवी कैमरों की मदद से परेड मार्ग पर आवाजाही कर लोगों पर नजर रखी जा रही है. हवाई क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए विमान-रोधी बंदूकों सहित हवाई सुरक्षा के व्यापक इंतजाम भी किए गए हैं.

दिल्ली पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के 60,000 जवानों को मध्य दिल्ली में तैनात किया गया है. सुरक्षाकर्मियों ने भीड़-भाड़ वाले बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अधिक महत्व वाले प्रतिष्ठानों को संवेदनशील स्थानों के रूप में चिन्हित किया है और उन्हें सुरक्षित बनाने की पूरी तैयारी की गई है.

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