पीएम मोदी ने बताया- कलाई पर आखि‍र उल्टी घड़ी क्यों बांधते हैं?

अक्सर उन्हें मीटिंग के दौरान समय देखना होता है, तो वह यह नहीं चाहते कि सामने बैठे लोगों को इसका पता चले. पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें जब कभी ऐसी बैठकों में समय देखने की जरूरत होती है तो उल्टी दिशा में घड़ी होने की वजह से आराम से देख लेते हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता.

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पीएम मोदी का इंटरव्यू बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने लिया पीएम मोदी का इंटरव्यू बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने लिया

दिनेश अग्रहरि

  • नई दिल्ली,
  • 24 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 11:39 AM IST

लोकसभा चुनाव प्रचार अभि‍यान के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा इंटरव्यू दिया है जिसमें राजनीति से इतर उनके व्यक्तिगत जीवन के तमाम पहलू सामने आए हैं. यह इंटरव्यू बॉलीवुड स्टार अक्षय कुमार ने लिया है. इसमें पीएम ने अपने परिवार, निजी जीवन से जुड़ी बातों को दुनिया के सामने रखा. इस इंटरव्यू में पीएम मोदी ने यह बताया है कि आखिर वह अपनी कलाई में उल्टी घड़ी क्यों बांधते हैं.

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पीएम मोदी ने कहा कि वह कलाई में उल्टी दिशा में घड़ी इसलिए बांधते हैं, क्योंकि अक्सर उन्हें मीटिंग के दौरान समय देखना होता है, तो वह यह नहीं चाहते कि सामने बैठे लोगों को इसका पता चले. उन्होंने कहा कि उन्हें जब कभी ऐसी बैठकों में समय देखने की जरूरत होती है तो उल्टी दिशा में घड़ी होने की वजह से वह आराम से देख लेते हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता. पीएम मोदी ने कहा कि अगर मीटिंग के दौरान कलाई घुमाकर बार-बार घड़ी देखेंगे तो इससे मीटिंग में बैठे लोग अच्छा महसूस नहीं करेंगे.

इससे पहले क्या पीएम मोदी को आम खाना पसंद है, इस सवाल का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि उन्हें आम खाना पसंद है. पीएम ने बताया, 'जिस तरह के परिवार के हालात थे, वहां आम खरीदने की क्षमता तो थी नहीं, इसलिए खेतों में चले जाते थे तो किसान खाने से रोकते नहीं थे. पेड़ से पका हुआ आम खाना पसंद था'.

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंटरव्यू में अपने सपने को लेकर भी बात की, उन्होंने बताया कि उनके मन में कभी प्रधानमंत्री बनने का विचार नहीं आया. उन्होंने कहा कि सामान्य लोगों के मन में ये विचार आता भी नहीं हैं और मेरा जो फैमिली बैकग्राउंड है उसमें मुझे कोई छोटी नौकरी मिल जाती तो मेरी मां उसी में पूरे गांव को गुड़ के पुए खिला देती.

गुस्से को कैसे शांत करते हैं पीएम मोदी? इस सवाल पर पीएम मोदी ने बताया कि अगर कोई ऐसा घटना है जो उन्हें पसंद न आए तो अकेला कागज लेकर बैठता था. उस घटना का वर्णन लिखता था, क्या हुआ क्यों हुआ. फिर उस कागज को फाड़कर फेंक देता था. फिर भी मन शांत नहीं होता था तो दोबारा उस घटनाक्रम को लिखता था. इससे मेरी सारी भावनाएं लिखने के बाद जल जाती हैं. इससे ये भी एहसास हो जाता है कि मैं भी गलत हूं.

PM मोदी ने बताया कि वह 1962 की जंग से प्रभावित हुए. उन्होंने कहा, 'जब कभी फ़ौज वाले निकलते थे तो बच्चों की तरह खड़ा होकर उन्हें सैल्यूट करता था तभी मन करता था कि सेना में भर्ती हो जाऊं.'

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