मौसम के चलते इस बार दिवाली पर कम रहेगा प्रदूषण

दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में नार्थ वेस्टर्ली हवाएं चल रही हैं. इस वजह से तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है. लेकिन इन हवाओं के चलते दिल्ली मेगा सिटी मैं पैदा हो रहा प्रदूषण यहां पर ज्यादा देर टिक नहीं पा रहा है. इससे हवा उतनी खराब नहीं है जितनी की अमूमन दीपावली के दौरान हो जाती है.

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इस बार दिवाली पर कम रहेगा प्रदूषण इस बार दिवाली पर कम रहेगा प्रदूषण

सिद्धार्थ तिवारी

  • नई दिल्ली,
  • 29 अक्टूबर 2016,
  • अपडेटेड 2:50 AM IST

उत्तर भारत में जैसे जैसे तापमान नीचे गिरता जा रहा है वैसे-वैसे मिक्सिंग हाइट नीचे आती जा रही है. मिक्सिंग हाइट वातावरण में वह ऊंचाई होती है जहां पर जमीन पर हो रहा प्रदूषण विसर्जित होता है. गर्मियों के दौरान उत्तर भारत में मिक्सिंग हाइट 4 किलोमीटर तक होती है लेकिन जाड़ों के सीजन में यह गिरकर 1 किलोमीटर से भी नीचे आ जाती है.

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मिक्सिंग हाइट घटने से वातावरण में मौजूद वायु प्रदूषण घना हो जाता है. इसके हटने में भी वक्त लगता है इस समय दिल्ली एनसीआर समेत उत्तर भारत के तमाम इलाकों में रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस के आसपास और दिन का तापमान 32 डिग्री के आसपास बना हुआ है. मौसम विभाग का अनुमान है कि इन 4 दिनों में इसमें और गिरावट आ सकती है. ऐसे में मिक्सिंग हाइट कम होती जाएगी और वातावरण में मौजूद और तीखा होता जाएगा. दिल्ली और आसपास के इलाकों में प्रदूषण के घनत्व में बढ़ोतरी देखी जा रही है.

मौसम विभाग के सफ़र प्रोग्राम के तहत रिकॉर्ड किए जा रहे आंकड़ों के मुताबिक इस समय दिल्ली एनसीआर के तमाम इलाकों में बहने वाली हवा काफी खराब हो चुकी है. एयर क्वालिटी इंडेक्स के मुताबिक इसको वेरी पुअर कैटेगरी में रखा गया है. अगले 24 घंटे में यह इसी तरह से वेरी पुअर केटेगरी में रहेगी लेकिन उसके बाद यानी 30 अक्टूबर को दीपावली वाले दिन इसकी स्थिति और ज्यादा खराब होने का अनुमान है. जानकारों के मुताबिक आतिशबाजी के चलते दिल्ली और आसपास के इलाकों में बहने वाली हवा गंभीर तरीके से नुकसानदायक होगी. मौसम विभाग के एनवायरमेंट डिवीजन के इंचार्ज विजय कुमार सोनी के मुताबिक दिल्ली समेत उत्तर पश्चिम भारत के तमाम इलाकों में नार्थ वेस्टर्ली हवाएं चल रही हैं. इस वजह से तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है. लेकिन इन हवाओं के चलते दिल्ली मेगा सिटी मैं पैदा हो रहा यहां पर ज्यादा देर टिक नहीं पा रहा है. इससे हवा उतनी खराब नहीं है जितनी की अमूमन दीपावली के दौरान हो जाती है.

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विजय कुमार सोनी के मुताबिक इस बार पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश में धान की फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों में आग लगाने की वजह से होने वाला प्रदूषण भी पिछले सालों के मुकाबले कम रहा है. इस वजह से वायु प्रदूषण की स्थिति भयानक तरीके से गंभीर नहीं हुई है. दिल्ली एनसीआर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक हवा में उड़ने वाले बहुत ही महीन कण पीएम 2.5 वेरी पुअर कैटेगरी में हैं. दीपावली के दिन इनकी स्थिति गंभीर रहने की संभावना है. इसी तरह नाइट्रस ऑक्साइड और कार्बन मोनोऑक्साइड के साथ साथ सल्फर डाइऑक्साइड का प्रदूषण भी दीपावली की आतिशबाजी की वजह से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है. लेकिन मौजूदा मौसमी स्थितियों की वजह से दिल्ली एनसीआर के तमाम इलाकों में इस बार वायु प्रदूषण पिछले साल की दिवाली के मुकाबले कम रहने की संभावना है.

दीपावली पर होने वाली आतिशबाजी के चलते फैलने वाले से दिल के मरीजों, अस्थमा पीड़ित लोगों, नवजात बच्चों और बुजुर्ग लोगों के लिए काफी परेशानी पैदा हो जाती है इसी के साथ पटाखों के शोर से जानवरों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है. लिहाजा लोगों से अपेक्षा है कि वह अपने और आसपास के लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी ना करें तो ही बेहतर होगा.

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