कोलकाता पुल हादसा: राज्य सरकार ने दो इंजीनियरों को सस्पेंड किया, कंपनी के 3 अधिकारी गिरफ्तार

कोलकाता में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल गिरने से अब तक 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है. इस बीच, केंद्र सरकार ने देशभर में बन रही सभी पुलो और एलिवेटेड ब्रिजों को लेकर रिपोर्ट मांगी है.

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ब्रजेश मिश्र

  • कोलकाता,
  • 01 अप्रैल 2016,
  • अपडेटेड 11:21 PM IST

कोलकाता में गुरुवार को निर्माणाधीन पुल गिरने से अब तक 25 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है जबकि 80 लोग घायल बताए जा रहे हैं. इस मामले में कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने 2 इंजीनियरों को सस्पेंड कर दिया है.  वहीं, दूसरी ओर, हादसे की सीबीआई से जांच कराने के लिए कोलकाला हाई कोर्ट में जनहित याचिका दाखिल की गई है. लापरवाही बरतने के आरोप में अब तक निर्माण कंपनी IVRCL के तीन अधिकारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

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केंद्र ने मांगी रिपोर्ट
कोलकाता में फ्लाई ओवर गिरने के मामले को लेकर केंद्र ने भी सख्त रूख अपना लिया है. इस बीच केंद्र सरकार ने देशभर में बन रही सभी पुलो और एलिवेटेड ब्रिजों को लेकर रिपोर्ट मांगी है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवें राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने तमाम संबंधितों विभागों ने ये रिपोर्ट जल्द से जल्द पेश करने को कहा है.

बीजेपी का कैंडल मार्च
कोलकाता में इस हादसे के विरोध में बीजेपी ने शुक्रवार शाम को कैंडल मार्च निकाला. बीजेपी इस हादसे के लिए राज्य प्रशासन पर आरोप लगा रही है और कह रही है राज्य में ममता शासन में फैले भ्रष्टाचार के कारण ऐसा हुआ.

एनडीआरएफ के डीआईजी एसएस गुलेरिया ने कहा कि ऑपरेशन रात भर चला है. अब तक 25 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है. फिलहाल मलबा हटाने का काम जारी है.उन्होंने कहा कि मलबे में दबे लोगों के बचने की संभावना कम है.

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'सब भगवान की मर्जी'
इस बीच, पुल बनाने वाली कंपनी IVRCL ने अधिकारी का चौंकाने वाला बयान सामने आया है. कंपनी के अधिकारी से जब लापरवाही की बात पूछी गई तो उन्होंने कहा कि हम 27 साल से इस काम में हैं और ऐसा कभी नहीं हुआ. सब भगवान की मर्जी है.

राजनीतिक सरगर्मी तेज
कोलकाता में फ्लाईओवर हादसे को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है. बीजेपी ने हादसे को जहां ममता सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खुलना बताया है तो वहीं टीएमसी ने भी बीजेपी पर पलटवार किया है और ओछी राजनीति न करने की सलाह दी है.

घटना को लेकर टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि चुनावी माहौल देखकर बीजेपी गंदी राजनीति कर रही है. उन्होंने कहा, 'राज्य के निवेदन पर सेना राहत-बचाव कार्य के लिए आई है. सेना देश से जुड़ी है, बीजेपी से नहीं.'

'सीपीएम के समय दिया गया पुल बनाने का जिम्मा'
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी मिदनापुर की रैली कैंसिल कर मौके पर पहुंची. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने पुल हादसे पर गहरा दुख जताते हुए पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि पुल बनाने का जिम्मा सीपीएम की सरकार के समय दिया गया था. पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि यह एक गंभीर घटना है. कानून के मुताबिक काम किया जाएगा. राज्य सरकार ने इस हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए 5-5 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों के लिए 2-2 लाख के मुआवजे का ऐलान किया है.

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गणेश टाकीज के पास हादसा
बताया जा रहा है कि उत्तरी कोलकाता में गणेश टाकीज (गिरीश पार्क) के पास एक चल रहा था. अचानक पुल ढह गया. यह फ्लाईओवर सबसे ज्यादा भीड़ वाले बड़ा बाजार इलाके के पास बन रहा है. एनडीआरएफ की दो टीमों में 70 जवान शामिल हैं. इसके साथ ही सेना के दल भी राहत एवं बचाव के लिए घटनास्थल पर पहुंच गए हैं. सेना की एक इंजीनियरिंग टीम भी घटनास्थल पर भेजी गई है.

PM ने हादसे पर जताया दुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता में हुए हादसे में लोगों की मौत पर गहरा दुख जताया है. प्रधानमंत्री ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गृह मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात की और राहत एवं बचाव के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा. प्रधानमंत्री अभी अमेरिका के दौरे पर हैं और वर्ल्ड न्यूक्लियर समिट में हिस्सा लेने गए हैं.

भयंकर ट्रैफिक जाम
हादसे की वजह से उत्तरी कोलकाता में भयंकर ट्रैफिक जाम हो गया. चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के काफी देर बाद तक प्रशासन का कोई अधिकारी वहां नहीं पहुंचा. लोगों ने यह भी कहा कि ओवरब्रिज के निर्माण में कई बार की गई लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया. 

दो सरकारें बदलीं पर पुल नहीं बना
निर्माणाधीन फ्लाईओवर का निर्माणकार्य बीते कई सालों से चल रहा था. राज्य में दो सरकारें बदल गईं लेकिन इसका निर्माण कार्य खत्म नहीं हुआ. दिसंबर 2009 में शुरू हुए निर्माण कार्य को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन छह साल बाद कुल 25 फीसदी काम हो सका. इसका कुल बजट 164 करोड़ रुपये था. इसे विवेकानंद ब्रिज नाम दिया गया था.

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ममता बनर्जी ने कैंसिल की रैली
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे की वजह से मिदनापुर में चुनावी रैली कैंसिल कर दीं. वहीं चीफ सेक्रेटरी और होम सेक्रेटरी हालात पर नजर बनाए हुए हैं. इस बीच राजनीतिक पार्टियों ने राज्य सरकार को हादसे का जिम्मेदार ठहराया है. बीजेपी नेताओं ने कहा कि हादसे ने ममता सरकार में भ्रष्टाचार की पोल खोली है.

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