सुल्तानपुर से अखिलेश के चुनावी प्रचार के आगाज के पीछे वास्तुशास्त्र!

थ्योरी के मुताबिक अखिलेश वास्तुशास्त्र के हिसाब से अपनी यात्रा तय कर रहे हैं. ये तो साफ नहीं हुआ कि अखिलेश किसी ज्योतिषी के कहने पर ऐसा कर रहे हैं या नहीं.

Advertisement
शुभ मुहूर्त में पर्चा भरने की होड़ शुभ मुहूर्त में पर्चा भरने की होड़

खुशदीप सहगल / बालकृष्ण

  • नई दिल्ली,
  • 24 जनवरी 2017,
  • अपडेटेड 8:20 PM IST

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को सुल्तानपुर से समाजवादी पार्टी के चुनावी प्रचार का शंखनाद किया. अखिलेश ने पहली चुनावी सभा के लिए सुल्तानपुर को ही क्यों चुना, ये सवाल हर किसी की जुबान पर है.

दरअसल, सुल्तानपुर में पांचवें चरण में 27 फरवरी को मतदान होना है. ऐसे में मुख्यमंत्री ने पहले चरण या दूसरे चरण के चुनाव वाले क्षेत्रों को छोड़कर सुल्तानपुर का रुख क्यों किया, इस यक्ष प्रश्न को लेकर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी हैरत में हैं. एक थ्योरी ये भी दी जा रही है कि अखिलेश ने संभवत: पश्चिमी उत्तर प्रदेश से प्रचार का आगाज इसलिए नहीं किया क्योंकि वो चाहते थे कि वहां पहले चरण के नामांकन पूरे हो जाएं. साथ ही गठबंधन में सीटों की अदला-बदली को लेकर भी स्थिति पूरी तरह साफ हो जाए.

Advertisement

अखिलेश के सुल्तानपुर से चुनाव प्रचार शुरू होने के पीछे एक ओर थ्योरी दी जा रही है. इस थ्योरी के मुताबिक अखिलेश वास्तुशास्त्र के हिसाब से अपनी यात्रा तय कर रहे हैं. ये तो साफ नहीं हुआ कि अखिलेश किसी ज्योतिषी के कहने पर ऐसा कर रहे हैं या नहीं.

हालांकि वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक सदस्य ज्योतिषाचार्य ऋषि द्विवेदी का कहना है कि क्योंकि अखिलेश यादव कन्या लग्न मिथुन राशि के हैं और मिथुन राशि से कुम्भ राशि भाग्य स्थान है. इसके परिणाम स्वरुप भाग्य अक्षर 'सु' आता है. सुल्तानपुर इसी से संबंधित है इससे भाग्यलाभ होगा. जहां तक वास्तु का सवाल है तो अखिलेश यादव के जन्म स्थल सैफई से सुल्तानपुर पूर्व दिशा में पड़ता है. सुल्तानपुर से आगाज के पीछे ये वजह हो सकती है कि सूर्य का तेज और लाभ ज्यादा मिले इसलिए सूर्य के उदगम स्थल को चुना गया है.

Advertisement

नेताओं को है भाग्य में भरोसा

ये तो रही मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बात. लेकिन चुनाव कोई भी उम्मीदवार लड़ रहा हो तो वो यही चाहता है कि भाग्य के सितारे या नक्षत्र पूरी तरह उसका साथ दें. इसके लिए उनकी कोशिश यही रहती है कि शुभ मुहूर्त निकाल कर ही नामांकन भरा जाए. लखीमपुर उम्मीदवारों के नामांकन भरने की होड़ लगी रही. लखीमपुर के संकटा देवी मंदिर के पुजारी मदन शुक्ला के मुताबिक बीजेपी, बीएसपी, एसपी और कांग्रेस के कई नेता आए और मां संकटा देवी से आशीर्वाद लेने के बाद नामांकन भरने के लिए गए.

धौरहरा सीट से बीजेपी प्रत्याशी बाला प्रसाद अवस्थी, लखीमपुर सदर सीट से बीएसपी प्रत्याशी शशिधर मिश्र, बीजेपी प्रत्याशी योगेश वर्मा, श्रीनगर सीट से बीजेपी प्रत्याशी मंजू त्यागी, निघासन सीट से बीएसपी के जीएस सिंह, बीजेपी के राम कुमार वर्मा, गोला विधानसभा सीट के बीजेपी उम्मीदवार अरविंद गिरी ने अनुराधा नक्षत्र को शुभ मानते हुए ही अपने नामांकन भरे.

लखीमपुर जैसा ही नजारा सोमवार को हाथरस और सहारनपुर में भी देखने को मिला. बीजेपी की ओर से सिकंदराराऊ सीट के प्रत्याशी वीरेंद्र राना, समाजवादी पार्टी के बागी राकेश राना, आरएलडी के सादाबाद सीट के प्रत्याशी अनिल चौधरी, इसी सीट से एसपी प्रत्याशी देवेंद्र अग्रवाल और बीजेपी प्रत्याशी प्रीति चौधरी ने शुभ मुहूर्त को देखते हुए अपना नामांकन दाखिल किया.

Advertisement

बीजेपी प्रत्याशियों की ओर से हाथरस के सांसद है. सहारनपुर में भी सोमवार को अनुराधा नक्षत्र होने की वजह से नामांकन जमा करने वाले प्रत्याशियों की संख्या कुछ ज्यादा ही दिखी. सहारनपुर में सोमवार को 9 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किए.

(वाराणसी से रोशन जैसवाल, लखीमपुर खीरी से अभिषेक वर्मा, हाथरस से राजेश सिंघल और सहारनपुर में अनिल भारद्वाज के इनपुट्स के साथ)

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement