भारत-चीन के बीच तनाव, 16 बिहार रेजिमेंट को मिला नया कमांडिंग ऑफिसर

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जब आपके पास गलवान घाटी जैसी कोई घटना होती है, जब दोनों पक्षों के बीच 45 साल बाद खून बहता है, तो स्थिति को पचाना मुश्किल हो जाता है.

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भारतीय सैनिक (सांकेतिक तस्वीर- पीटीआई) भारतीय सैनिक (सांकेतिक तस्वीर- पीटीआई)

शिव अरूर

  • नई दिल्ली,
  • 01 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 5:31 PM IST

  • भारत और चीन के बीच तनाव जारी
  • हिंसक झड़प में शहीद हुए थे 20 जवान

भारत और चीन के बीच गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव बना हुआ है. 15 जून को गलवान घाटी में भारतीय सेना की 16 बिहार रेजिमेंट ने संघर्ष किया. अब 16 बिहार रेजिमेंट को एक नया कमांडिंग ऑफिसर मिला है.

इस यूनिट से जांबाज कमांडिंग ऑफिसर कर्नल बी संतोष बाबू चीन के खिलाफ हिंसक झड़प में शहीद हो गए थे. वहीं अब इंडिया टुडे इस बात की पुष्टि कर सकता है कि 16 बिहार रेजिमेंट के नए कमांडिंग ऑफिसर पद संभालने के लिए तैयार हैं. हालांकि नए कमांडिंग ऑफिसर के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने अपनी सेनाओं को दृढ़ता से ललकारा है और हर संभव तरीके से तैनात रहने के लिए कहा है.

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घटना के वक्त जिस अधिकारी को कर्नल रैंक में पदोन्नति के लिए मंजूरी दी गई थी, वो एक अलग बटालियन की कमान संभालने वाले थे. हालांकि 15 जून की घटना के बाद सेना ने फैसला किया कि 16 बिहार रेजिमेंट की कमान यूनिट के ही एक अधिकारी को देनी होगी. इसके पीछे घाटी में तैयारियों को ठीक करने का मकसद है.

इंडिया टुडे इस बात की पुष्टि कर सकता है कि 15 जून की घटना में घायल हुए यूनिट के कई जवानों ने फिर से मोर्चा संभाल लिया है. जमीनी स्तर पर संवेदनशीलता के कारण इंडिया टुडे नए कमांडिंग ऑफिसर की पहचान उजागर करने से परहेज करता है.

स्थिति को पचाना मुश्किल

घटनाक्रम से परिचित एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, 'जब आपके पास गलवान घाटी जैसी कोई घटना होती है, जब दोनों पक्षों के बीच 45 साल बाद खून बहता है, तो स्थिति को पचाना मुश्किल हो जाता है. जब एक इकाई अपने कमांडिंग अधिकारी को खो देती है तो एक अभिभावक को खोने जैसा है. नए अधिकारी के लिए अपने जवानों को एक साथ आगे बढ़ाना, उन्हें प्रेरित करना और बिहार रेजिमेंट के आदर्श वाक्य 'कर्म ही धर्म' को स्थापित करना बहुत महत्वपूर्ण है.

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बता दें कि 15 जून को चीन के साथ हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गए थे. इसमें कमांडिंग अधिकारी समेत 12 जवान 16 बिहार रेजिमेंट से थे. इसके अलावा एक 12 बिहार रेजिमेंट, तीन आर्टिलरी रेजिमेंट और एक माउंटेन सिग्नल यूनिट से थे.

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