दो महीने बाद फिर से केरल और दक्षिण भारत पर भारी बारिश का साया

दो महीने पहले मूसलाधार बारिश से तबाह हुए केरल पर एक बार भारी बारिश का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो-तीन दिनों में केरल समेत दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है.

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दो महीने भारी बारिश ने केरल में मचाई थी तबाही (फाइल, पीटीआई) दो महीने भारी बारिश ने केरल में मचाई थी तबाही (फाइल, पीटीआई)

सुरेंद्र कुमार वर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2018,
  • अपडेटेड 11:53 PM IST

करीब 2 महीने पहले अगस्त में दक्षिण पश्चिम मानसून से तबाह हो चुके केरल में दक्षिण-पूर्व अरब सागर में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना से और बारिश होने की आशंका है. इसके मद्देनजर राज्य सरकार ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन की तैयारी बढ़ा दी.

के पड़ोसी राज्य तमिलनाडु ने भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के इस अनुमान के बाद कि राज्य में सात अक्टूबर को ज्यादातर स्थानों पर मूसलाधार बारिश और कुछ स्थानों भयंकर बारिश हो सकती है, कई कदम उठाए हैं.

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भारतीय मौसम विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया है कि निम्न दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर तेज चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और केरल के कई हिस्सों में मूसलाधार से भयंकर बारिश हो सकती है.

आईएमडी की भविष्यवाणी के मद्देनजर इडुक्की और मलप्पुरम जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है जहां रविवार को भारी बारिश होने की संभावना है.

बुलेटिन के अनुसार दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उसके आसपास लक्षद्वीप एवं मालदीव के क्षेत्र में फैला चक्रवात गुरुवार सुबह को मध्य क्षोभमंडल स्तर तक पहुंच गया और उसके प्रभाव में छह अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व सागर में निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है.

बुलेटिन में कहा गया है, 'निम्न दबाव के क्षेत्र के और संकेंद्रित होने और 36 घंटों में उत्तर पश्चिम की दिशा में बढ़कर चक्रवाती तूफान का रुप लेने और ओमान की तट की ओर बढ़ने की संभावना है.'

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आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारियों ने गुरुवार को आपदा प्रबंधन की तैयारी की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को अनुमान को ध्यान में रखकर बांधों में पानी के स्तर की निगरानी करने को कहा. त्रिचूर और पलक्कड़ जिलों में बांधों के दरवाजे अतिरिक्त पानी निकालने के लिए आज शाम खोल दिए गए.

समुद्र में स्थिति शनिवार से बहुत खराब रहने की संभावना है ऐसे में मछुआरों को गहराई में नहीं जाने की सलाह दी गई है.

केरल में अगस्त में दक्षिण पश्चिम मॉनसून ने कहर बरपाया था. यह 100 सालों में थी. कई जिलों में और बाढ़ से 493 लोगों की जान चली गई थी.

दूसरी ओर, चेन्नई में अधिकारियों ने बताया कि तमिलनाडु के जिलाधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है. तैयारी की समीक्षा के लिए बैठकें पहले ही बुलाई जा चुकी हैं.

चेन्नई के मौसम डिप्टीमहानिदेशक एस बालचंद्रन ने कहा कि अगले 3 दिनों में तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में बारिश होने की संभावना है. एक और दो स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. पिछले 24 घंटे में भी तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में बारिश हो चुकी है.

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