गिरिराज बोले- रोहिंग्या मुसलमानों को देश छोड़ना ही होगा

रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिए जाने के बाद रोहिंग्या मुसलमानों के देश छोड़कर वापस जाने का मामला गरमाता ही चला जा रहा है. रोहिंग्या मुसलमानों के देश छोड़ने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि इस मामले में सरकारी नीति बड़ी स्पष्ट है. देश पहले से ही घुसपैठियों का भार झेलता आ रहा है और अब रोहिंग्या मुसलमान अवैध और गैरकानूनी तरीके से भारत की इंटरनल सिक्योरिटी को भी डिस्टर्ब कर रहे हैं.

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गिरिराज सिंह गिरिराज सिंह

विष्णु नारायण / अशोक सिंघल

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:58 PM IST

रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिए जाने के बाद रोहिंग्या मुसलमानों के देश छोड़कर वापस जाने का मामला गरमाता ही चला जा रहा है. रोहिंग्या मुसलमानों के देश छोड़ने पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि इस मामले में सरकारी नीति बड़ी स्पष्ट है. देश पहले से ही घुसपैठियों का भार झेलता आ रहा है और अब रोहिंग्या मुसलमान अवैध और गैरकानूनी तरीके से भारत की इंटरनल सिक्योरिटी को भी डिस्टर्ब कर रहे हैं. वे ऐसा किए जाने को अवैध करार दे रहे हैं. वे कहते हैं कि इस बीच देश में कई आतंकवादी गतिविधियां देखने को मिली हैं. ऐसे में भारत को यह कबूल नहीं है कि अवैध प्रवासी देश में रहें.

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मसूद अजहर के समर्थन पर भी किया पलटवार

मसूद अजर द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन पर वे बोले कि ऐसा बेहतर होगा कि मसूद अजहर को पाकिस्तान ले जाए. वे कहते हैं कि भारत के कुछ नेता भी रोहिंग्या के पक्ष में खड़े हैं. वे आगे कहते हैं कि रोहिंग्याओं को पाकिस्तान के उग्रवादी और आतंकवादी नेताओं का समर्थन मिला हुआ है. ऐसे में पाकिस्तान बाइज्जत रोहिंग्या मुसलमानों को अपने पास ले जाए.

विपक्ष द्वारा रोहिंग्या मुसलमानों को रहने की अपील पर वे बोले कि कानून से बढ़कर कोई मानवता नहीं होती. उनके लिए यह आंतरिक सुरक्षा का मामला है. ऐसा करना अवैध और घुसपैठ है. वे कहते हैं कि उनकी प्राथमिकता वोट के बजाय देश है. वे कहते हैं कि देश के अमन, चैन, शांति और विकास को देखते हुए गैरकानूनी और अवैध लोगों को जाना ही चाहिए.

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