'ऑपरेशन संकटमोचन': सूडान में फंसे 143 भारतीयों को एयरलिफ्ट कर भारत लाया गया

जिन 156 लोगों को लाया गया है, उनमें से 2 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 9 महिलाएं और 3 बच्चों को भी हैं. भारतीयों को लिए पहली फ्लाइट में जनरल वीके सिंह भी थे. बता दें कि ऑपरेशन संकटमोचन की कमान जनरल वीके सिंह को ही दी गई है.

Advertisement
एयरपोर्ट पर पहुंचे भारतीयों की फोटो को विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने ट्वीट किया एयरपोर्ट पर पहुंचे भारतीयों की फोटो को विदेश मंत्रालय प्रवक्ता ने ट्वीट किया

प्रियंका झा / रेवती आर.

  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 1:02 PM IST

दक्षिण के गृहयुद्ध में फंसे भारतीयों के लिए शुरू किया गया 'ऑपरेशन संकटमोचन' पहला पड़ाव पार कर गया है. सुबह 4.30 बजे दक्षिण सूडान से 143 लोगों को लेकर पहली फ्लाइट त्रिवेंद्रम पहुंची. अब दूसरी फ्लाइट के 11 बजे तक आने की संभावना है.

जिन 143 लोगों को  लाया गया है, उनमें से 2 नेपाली नागरिक भी शामिल हैं. इसके अलावा 10 महिलाएं और 3 बच्चें भी शामिल हैं. भारतीयों को लिए पहली फ्लाइट में जनरल वीके सिंह भी थे. बता दें कि ऑपरेशन संकटमोचन की कमान जनरल वीके सिंह को ही दी गई है.

Advertisement

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने गुरुवार को ही ट्वीट कर इसकी जानकारी दे दी थी.


जूबा शहर के कई हिस्सों में पूर्व विद्रोही और सैनिकों के बीच भारी संघर्ष जारी है. विदेश मंत्रालय के अनुसार दक्षिण सूडान में करीब 600 भारतीय हैं. इनमें से 450 जूबा में और करीब 150 राजधानी के बाहर हैं. आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभी तक करीब 300 भारतीयों ने वहां से निकाले जाने के लिए भारतीय दूतावास में पंजीकरण कराया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »