भारतीय सेना ने अनुशासनहीनता पर तोड़े जवानों के फोन

सेना के अफसरों ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि रंगरूट बार-बार आदेशों का उल्लंघन करते हैं. फिजिकल ट्रेनिंग, ड्रिल और वेपन-ट्रेनिंग क्लासेज के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. भारतीय सेना को बदनाम करने के लिए चीनी मीडिया ने इसे अपलोड किया.  

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

केशवानंद धर दुबे

  • नई दिल्ली,
  • 16 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 12:17 PM IST

चीन की सरकारी मीडिया ने भारतीय सेना से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया है. इस वीडियो में भारतीय सेना के कुछ रेजीमेंटल सेंटर्स में कई सैनिकों के मोबाइल फोन तोड़ दिए गए हैं. इस पर सेना के अधिकारियों ने बताया कि आर्मी के ट्रेनिंग प्रोग्राम के दौरान अनुशासन बनाए रखने के लिए ऐसा किया गया.

सेना को बदनाम करने के लिए अपलोड किया वीडियो

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सेना के अधिकारियों कहा कि यह कदम इसलिए उठाया गया, क्योंकि रंगरूट बार-बार आदेशों का उल्लंघन करते हैं. फिजिकल ट्रेनिंग, ड्रिल और वेपन-ट्रेनिंग क्लासेज के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है. साथ ही अधिकारियों ने कहा कि भारतीय सेना को के लिए चीनी मीडिया ने इस वीडियो को अपलोड किया.

चीनी मीडिया ने ट्वीट किया वीडियो

चीन की सरकारी मीडिया ने भारतीय सेना से जुड़ा एक वीडियो ट्वीट किया. इसमें कई सैनिकों के मोबाइल फोन तोड़ते हुए दिखाया गया. वीडियो में बताया गया है कि मध्य प्रदेश के सागर में करीब 50 सैनिकों के फोन उनके सामने पत्थर पर रख कर तोड़ दिए गए, ताकि वे सोशल मीडिया का इस्तेमाल न कर सकें. मोबाइल तोड़ने का आदेश यूनिट के अफसरों ने दिया था.

जीवनयापन से नाखुश हैं सैनिक

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वीडियो के मुताबिक, भारत में कई सैनिक अपने बर्ताव और जीवनयापन की स्थिति से नाखुश हैं. वे अपने बारे में वीडियो शूट कर सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं, जिससे विवाद खड़ा हो जाता है. यह वीडियो जबलपुर के महार रेजिमेंटल सेंटर का है. इसे 2015 के सितंबर में शूट  किया गया था.

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