उज्जैन सिंहस्थ: राम घाट पर स्नान का कार्यक्रम रद्द, वाल्मीकि घाट ही जाएंगे

उज्जैन सिंहस्थ में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रमों में राम घाट पर स्नान और शबरी भोज का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. अब शाह दलित संतों के साथ वाल्मीकि घाट पर ही स्नान करेंगे. इससे पहले वे वाल्मीकि धाम में दलित संतों को सम्मानित करेंगे.

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अमित कुमार दुबे / अमित कुमार

  • उज्जैन,
  • 10 मई 2016,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

उज्जैन सिंहस्थ में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के कार्यक्रमों में राम घाट पर स्नान और शबरी भोज का कार्यक्रम रद्द कर दिया गया है. अब शाह दलित संतों के साथ वाल्मीकि घाट पर ही स्नान करेंगे. इससे पहले वे वाल्मीकि धाम में दलित संतों को सम्मानित करेंगे.

शाह के राम घाट पर समरसता स्नान के पकड़ लिया था, इस वजह से कार्यक्रम रद्द करना पड़ा है. शंकराचार्य स्वरूपानंद और कांग्रेस के अलावा आरएसएस के एक धड़े ने भी इसका विरोध किया था. सरकार ने राम घाट पर समरसता स्नान के कार्यक्रम में परिवर्तन को जनता की परेशानी का कारण बताया है.

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इस स्नान में देश भर से आए दलित संतों के अलावा प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी स्नान करेंगे. वाल्मीकि धाम में शाह के कार्यक्रम के लिए घाटों की साफ सफाई का काम शुरू हो गया है. अचानक बदले इस कार्यक्रम के बाद स्थानीय सांसद और प्रशासन के अधिकारियों ने भी मौके का मुआयना किया.

करीब 6 घंटे उज्जैन रहेंगे शाह
उज्जैन से सांसद चिंतामणि मालवीय ने कहा कि 11 मई को उज्जैन पहुंच रहे करीब छह घंटे तक यहां रहेंगे और तमाम बड़े संतों के अखाड़ों में जाएंगे. शाह चरैवेति के पंडाल स्थल में भोजन करेंगे.

वाल्मीकि धाम का यह कार्यक्रम दीनदयाल विचार प्रकाशन आयोजित कर रहा है. पार्टी के विरोध के बाद कोई भी खुल कर इस मुद्दे पर बात करने को तैयार नहीं है. दीनदयाल विचार प्रकाशन के कार्यकारी अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक दलित समाज के उत्थान के लिए यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है.

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राम घाट से अहम है वाल्मीकि घाट
समरसता स्नान पर हो रही पर वाल्मीकि धाम के प्रमुख संत बालयोगी उमेशनाथ जी ने कहा कि वो अपना कार्यक्रम नियत समय पर कर रहे हैं जिसमें अमित शाह शामिल हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि रामायण के रचयिता वाल्मीकि हैं इसलिए राम घाट से महत्वपूर्ण वाल्मीकि घाट है. इस मुद्दे पर शंकराचार्य के और साधु संतों के विरोध पर दलित संतों ने उनके विचार पर कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि उन्होंने तो कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह और पंजाब के सुखबीर बादल और आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी आमंत्रित किया है.

शाह सुबह 10 बजे यहां आएंगे और शाम को लौटते समय वैचारिक कुंभ की एक प्रदर्शनी को भी देखेंगे. वैचारिक कुंभ 12 मई से शुरू हो रहा है जिसके शुभारंभ में मोहन भागवत और 14 को समापन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शि‍रकत करेंगे.

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