देश छोड़ चुके बांग्लादेश के पहले हिन्दू चीफ जस्टिस पर भ्रष्टाचार के आरोप

कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है.

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चीफ जस्टिस सुरेंद्र कुमार सिन्हा चीफ जस्टिस सुरेंद्र कुमार सिन्हा

प्रज्ञा बाजपेयी

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  • 15 अक्टूबर 2017,
  • अपडेटेड 12:13 AM IST

बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के देश से जाने के बाद उन पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा है. यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब खबरें हैं कि बांग्लादेश सरकार सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों के महाभियोग लगाने पर सरकार का अधिकार खत्म करने के उनके फैसले को लेकर उनसे नाखुश है.

एक असामान्य कदम के तहत, देश के सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने इस महीने की शुरुआत में भ्रष्टाचार और अनैतिकता के आरोपों को लेकर सिन्हा की पीठ में नहीं बैठने का फैसला किया. इन आरोपों के बारे में उन्हें राष्ट्रपति ने अब्दुल हामिद ने बताया.

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चीफ जस्टिस ऑस्ट्रेलिया हुए रवाना

सुप्रीम कोर्ट ने बयान ऐसे समय दिया जब सिन्हा रात में आस्ट्रेलिया रवाना हो गए. उन्होंने रवाना होने से पहले कहा कि वह जुलाई के अपने फैसले पर पैदा हुए विवाद को लेकर आहत हैं. उन्होंने सरकार के इन दावों को भी खारिज किया कि वह बीमार हैं.

रजिस्ट्रार जनरल सैयद अमीनुल इस्लाम द्वारा हस्ताक्षरित सुप्रीम कोर्ट के बयान में कहा गया, सिन्हा का यह लिखित बयान गुमराह करने वाला है. इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति हामिद ने 30 सितंबर को प्रधान न्यायाधीश को छोड़कर शीर्ष अदालत के सभी पांच न्यायाधीशों को बंगभंग राष्ट्रपति भवन आमंत्रित करके लंबी चर्चा की. इसमें कहा गया, राष्ट्रपति ने उन्हें प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा के खिलाफ 11 स्पष्ट आरोपों के सबूत सौंपे.

मैं न्यायापालिका का संरक्षक, आऊंगा वापस

बयान में कहा गया कि इसमें मनी लॉन्ड्रिंग, वित्तीय अनियमितता, भ्रष्टाचार और अनैतिक क्रियाकलाप सहित कुछ गंभीर आरोप शामिल हैं. ऑस्ट्रेलिया रवाना होने से पहले उन्होंने कहा, "मैं न्यायपालिका का संरक्षक हूं, न्यायपालिका के हित में, मैं अस्थायी रूप से जा रहा हूं ताकि उसकी छवि को नुकसान नहीं पहुंचे, मैं वापस आऊंगा. लेकिन सिन्हा ने कहा कि वह दृढ़ता से इस बात को मानते हैं कि हालिया फैसले को लेकर उनके रुख को सरकार ने गलत समझा जिससे प्रधानमंत्री शेख हसीना नाखुश हैं.

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जबरन छुट्टी पर भेजे गए चीफ जस्टिस?

कहा जा रहा है कि बांग्लादेश के पहले हिन्दू प्रधान न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार सिन्हा को जबरन छुट्टी पर भेज दिया गया है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि वह सच्चाई को जल्द महसूस करेंगी. सिन्हा ने विधि मंत्री अनीसुल हक के उनकी बीमारी के दावे को भी खारिज किया. उन्होंने लिखित बयान भी जारी किया. सरकार द्वारा तीन अक्तूबर से उनकी एक महीने की बीमारी की छुट्टियां घोषित किए जाने के बाद मीडिया के साथ यह उनका पहला संवाद है.

उल्लेखनीय है कि बांग्लादेश के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश सुरेन्द्र कुमार सिन्हा अपने एक बयान को लेकर कुछ महीनों पहले मीडिया की सुर्खियों में आ गए थे. प्रधानमंत्री शेख हसीना ने बांग्लादेश की तुलना पाकिस्तान से करने को लेकर उनकी आलोचना की थी. साथ ही उन पर देश का अपमान करने का आरोप लगाया था.

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