असम के श्रीभूमि जिले से एक बहुत ही हैरान और परेशान करने वाली वारदात ने हर किसी को हिला दिया. जिले के एक इलाके में एक आठ साल की मासूम बच्ची के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई. इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है.
यह पूरी घटना दिन-दहाड़े हुई, जिसने कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मृत बच्ची के परिवार वालों ने बताया कि वह सुबह करीब 10 बजे से अचानक लापता हो गई थी. जब काफी देर तक बच्ची का कहीं कुछ पता नहीं चला, तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की. पूरे इलाके में ढूंढने के बाद आखिरकार बच्ची का शव उनके घर के पास ही एक पहाड़ी पर झाड़ियों के बीच मिला. बच्ची का शव देखते ही परिवार में कोहराम मच गया. बाद में पुलिस सूत्रों ने भी इस बात की पुष्टि की कि बच्ची की हत्या करने से पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया था.
जैसे ही इस खौफनाक वारदात की खबर पूरे इलाके में फैली, स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए. लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर था. इसी बीच, मुस्तैद स्थानीय निवासियों ने इस घिनौने अपराध के कथित आरोपी को खुद ही ढूंढ निकाला और उसे पकड़ लिया. आरोपी की पहचान जाकिर आलम तालुकदार के रूप में हुई है. गुस्साई भीड़ ने आरोपी को पकड़ने के बाद तुरंत पुलिस को बुलाया और उसे उनके हवाले कर दिया.
दरिंदगी की खबर फैलते ही भड़का गुस्सा, लोगों ने खुद कातिल को दबोचा
हालांकि, इस मामले में स्थानीय लोगों का गुस्सा पुलिस की कार्यशैली को लेकर और ज्यादा बढ़ गया. ग्रामीणों का आरोप है कि शव मिलने के तुरंत बाद ही उन्होंने पास की मदन मोहन पेट्रोल पोस्ट को इस घटना की सूचना दे दी थी. हैरान करने वाली बात यह है कि यह दर्दनाक घटना पुलिस चौकी से महज 300 मीटर की दूरी पर थी. इतनी कम दूरी होने के बावजूद भी पुलिस अधिकारी समय पर मौके पर नहीं पहुंचे. पुलिस की इस कथित लापरवाही ने आग में घी का काम किया और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा.
पुलिस के समय पर न पहुंचने से नाराज होकर लोगों ने दोपहर तक चोरगोला-हैलाकांडी को जोड़ने वाली मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया. सड़क जाम होने की वजह से वहां वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह से ठप हो गया. घटना स्थल और आस-पास के इलाके में माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया. स्थानीय लोग पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करने लगे और इंसाफ की मांग करने लगे.
सड़क जाम और बढ़ते हंगामे की खबर जैसे ही जिला मुख्यालय तक पहुंची, वहां से तुरंत पुलिस की एक बड़ी टीम को मदन मोहन इलाके के लिए रवाना किया गया. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले में दखल दिया. पुलिस ने सबसे पहले समय पर कार्रवाई न करने के मामले को गंभीरता से लिया. कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मदन मोहन पेट्रोल पोस्ट के प्रभारी मोहन लाल दास को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया.
चौकी प्रभारी पर कार्रवाई होने और वरिष्ठ अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत की और उन्हें आश्वासन दिया कि आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस के भरोसे के बाद लोगों ने सड़क से जाम हटाया और यातायात को फिर से सामान्य किया जा सका. स्थिति नियंत्रण में आने के बाद पुलिस ने आरोपी जाकिर आलम तालुकदार को अपनी हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए उसे सदर थाने भेज दिया.
सहमे लोगों ने की आरोपी को तुरंत फांसी देने की मांग
दिन के उजाले में हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे मदन मोहन इलाके को झकझोर कर रख दिया है. स्थानीय निवासी इस घटना से बेहद डरे हुए और सहमे हुए हैं. इलाके के लोगों ने मांग की है कि इस मामले की तेजी से जांच कर अदालत से आरोपी को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जाए. इसके साथ ही लोगों ने स्थानीय पुलिस की जवाबदेही तय करने और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की भी मांग उठाई है ताकि भविष्य में ऐसी कोई घटना दोबारा न हो.
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