पंजाब के सभी जिलों में लगा नाइट कर्फ्यू, राजनीतिक रैलियों पर भी प्रतिबंध

पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह ने 30 अप्रैल तक सभी राजनीतिक रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है और कहा कि अगर कोई नेता उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ डीएमए और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा.

Advertisement
अब पूरे पंजाब में नाइट कर्फ्यू लगाया गया (फोटो-PTI) अब पूरे पंजाब में नाइट कर्फ्यू लगाया गया (फोटो-PTI)

मनजीत सहगल

  • चंडीगढ़,
  • 07 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 2:20 PM IST
  • CM अमरिंदर सिंह ने जारी किया नया आदेश
  • नियम तोड़ने वाले नेताओं पर अब दर्ज होगा केस

पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक और अहम फैसला लिया है. सीएम अमरिंदर ने 30 अप्रैल तक सभी राजनीतिक रैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है और कहा कि अगर कोई नेता उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ डीएमए और महामारी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जाएगा.

इसके साथ ही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 12 जिलों में लगे नाइट कर्फ्यू को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया है यानी अब रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक पूरे प्रदेश में नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा. इसके साथ ही अंतिम संस्कार या फिर शादियों में घर के अंदर अब सिर्फ 50 लोग और घर के बाहर सिर्फ 100 लोग शामिल हो सकते हैं.

Advertisement

सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है. बाकी प्रतिबंध पहले की तरह ही 30 अप्रैल तक लागू रहेंगे, जिसमें स्कूल और शैक्षणिक संस्थान को बंद करना शामिल है. हालांकि, मॉल के दुकान मालिकों को राहत दी गई है. अब एक समय में एक दुकान में 10 लोग मौजूद रह सकते थे. पहले मॉल में एक समय में 100 लोगों को ही अनुमति दी गई थी.

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर ने कोरोना की स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा के दौरान बुधवार को राज्य में उच्च सकारात्मकता और मृत्यु दर पर चिंता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि यह चिंता का विषय है कि पंजाब में 85% से अधिक मामले ब्रिटेन स्ट्रेन के हैं, जो अधिक संक्रामक और विषाणुजनित है.

सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि कोरोना को रोकने के लिए कठोर कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं था, हालांकि सकारात्मक मामलों की संख्या पिछले कुछ दिनों में कुछ हद तक स्थिर हो गई थी. उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों ने रैलियां करने से परहेज करने के अपने वादे को तोड़ा है, इस वजह से राजनीतिक आयोजनों पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है.

Advertisement

गौरतलब है कि पिछले दिनों ही दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और शिरोमडी अकाली दल नेता सुखबीर बादल ने राजनीतिक आयोजन में हिस्सा लिया था. इस पर सीएम अमरिंदर सिंह ने कहा कि यदि आप वरिष्ठ राजनीतिक होने के बावजूद इस तरह का व्यवहार करते हैं, तो आप लोगों से इस बीमारी के फैलने के बारे में गंभीर होने की उम्मीद कैसे करेंगे.

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राजनीतिक आयोजन करने वाले नेताओं पर केस दर्ज किया जाएगा, साथ ही आयोजन स्थल के मालिकों और टेंट हाउस के मालिकों को भी नहीं बख्शा जाएगा. उनके खिलाफ केस दर्ज करने के साथ ही आयोजन स्थलों को तीन महीने के लिए सील कर दिया जाएगा.

सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने आगे कहा कि 30 अप्रैल तक किसी भी सामाजिक, सांस्कृतिक या खेल समारोहों और संबंधित समारोहों की अनुमति नहीं होगी. सभी सरकारी कार्यालयों में लोगों के आने पर मनाही रहेगी और शिकायत निवारण के लिए ऑनलाइन और वर्चुअल मोड का इस्तेमाल किया जाएगा.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »