अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर देशभर में सिग्नेचर कैंपेन शुरू करने का एलान किया है, दूसरी तरफ बीजेपी ने भी अरविंद केजरीवाल को निशाने पर लेते हुए एक नया पोस्टर जारी कर दिया है. दोनों पार्टियां इस मुद्दे पर एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रही हैं.
AAP ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए देशभर में एक बड़ा सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है. पार्टी का कहना है कि इस अभियान के जरिए आम लोगों से प्रधानमंत्री के नाम लिखे एक पत्र पर हस्ताक्षर कराए जाएंगे, जिसमें मामले के दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी. इस मुहिम के तहत सुंदरकांड पाठ और हनुमान आरती जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने की भी अपील की गई है. लोगों से कहा गया है कि वे अपने घरों, कॉलोनियों और मोहल्लों में ऐसे आयोजन करें, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान से आसानी से जोड़ा जा सके.
केजरीवाल ने क्या कहा?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह अभियान सिर्फ किसी एक पार्टी का नहीं है, बल्कि उन सभी राम भक्तों का है जो इस पूरी घटना से अंदर तक आहत हैं. उनका कहना है कि देशभर से जुटाए गए ये सभी हस्ताक्षर सीधे प्रधानमंत्री को भेजे जाएंगे, ताकि दोषियों को सजा मिल सके. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि इस मामले में जिम्मेदार लोगों को अब तक पूरी तरह जवाबदेह नहीं ठहराया गया है. लिहाजा, लोगों की भावनाओं और उनकी नाराजगी को देखते हुए ही इस बड़े अभियान की शुरुआत करने का फैसला लिया गया है.
BJP का पलटवार, जारी किया नया पोस्टर
आम आदमी पार्टी के इस अभियान के तुरंत बाद दिल्ली बीजेपी ने अरविंद केजरीवाल पर एक नया पोस्टर जारी कर तीखा हमला बोला है. इसकी मुख्य वजह यह है कि पोस्टर में केजरीवाल को 'चुनावी हिंदू' बताते हुए उनके कई पुराने बयानों और फैसलों पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं. बीजेपी का आरोप है कि चुनाव नजदीक आते ही केजरीवाल धार्मिक कार्यक्रमों का सहारा लेकर अपनी ढहती हुई राजनीति को फिर से खड़ा करने की कोशिश में जुट गए हैं. पार्टी ने साफ शब्दों में कहा है कि यह पूरी कवायद सिर्फ और सिर्फ राजनीतिक फायदा लेने के लिए की जा रही है.
सुंदरकांड कार्यक्रम पर भी आमने-सामने
बीजेपी ने आम आदमी पार्टी के सुंदरकांड पाठ कार्यक्रम की टाइमिंग पर भी बड़े सवाल उठाए हैं. पार्टी का कहना है कि अगर धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर इतनी ही गंभीरता थी, तो पहले शुरू किए गए ऐसे आयोजनों को बीच में बंद क्यों कर दिया गया? बीजेपी ने आरोप लगाया कि यह सब कुछ सिर्फ चुनावी रणनीति का एक हिस्सा है. हालांकि, आम आदमी पार्टी का इस पर साफ कहना है कि उनका मकसद सिर्फ राम भक्तों की भावनाओं को एक सही आवाज देना है, जिसकी वजह से वे चढ़ावा चोरी के इस गंभीर मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं.
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का यह मामला अब कानूनी जांच के दायरे से निकलकर एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है. एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे एक जन आंदोलन बनाने में जुटी हुई है, तो दूसरी तरफ बीजेपी भी लगातार हर मोर्चे पर पलटवार कर रही है. लिहाजा, आने वाले दिनों में इस मुद्दे को लेकर दोनों दलों के बीच सियासी टकराव और ज्यादा बढ़ने के पूरे आसार दिखाई दे रहे हैं.
सुशांत मेहरा