जब दिग्विजय ने ज्योतिरादित्य से कहा ‘वाह जी महाराज वाह’, जानें क्या हुआ राज्यसभा में

राज्यसभा में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए दिग्विजय सिंह खड़े हुए, तब सदन में ठहाके सुनाई दिए यहां तक कि सभापति वेंकैया नायडू को भी मुस्कुराते देखा गया. इसी दौरान एक बातचीत में सिंह ने सिंधिया को ‘वाह जी महाराज वाह’ कहकर संबोधित किया. जानें क्या हुआ सदन में...

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ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह (Photo:File) ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह (Photo:File)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 3:46 PM IST
  • सिंधिया ने की सरकार की तारीफ
  • सभापति भी मुस्कुराए
  • दिग्विजय ने दिया आशीर्वाद

राज्यसभा में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया के बाद राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बोलने के लिए दिग्विजय सिंह खड़े हुए, तब सदन में ठहाके सुनाई दिए यहां तक कि सभापति वेंकैया नायडू को भी मुस्कुराते देखा गया. इसी दौरान एक बातचीत में दिग्विजय ने सिंधिया को ‘वाह जी महाराज वाह’ कहकर संबोधित किया. जानें क्या हुआ सदन में...

गूंजे ठहाके
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कृषि कानूनों के पक्ष में अपने विचार रखे. उनके भाषण समाप्त करने के बाद सभापति ने बोलने के लिए कांग्रेस से सांसद दिग्विजय सिंह का नाम पुकारा. दिग्विजय सिंह का नाम पुकारने के बाद सदन में ठहाके गूंज उठे.

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सभापति भी मुस्कुराए
इस दौरान सभापति वैंकेया नायडू भी अपनी हंसी नहीं छिपा पाए. उन्होंने स्पष्ट किया, ‘मैंने क्रम में कोई परिवर्तन नहीं किया है. जिसका नाम सूची में था उसी के अनुसार बुलाया है.’ 

‘वाह जी महाराज वाह’
इसके बाद दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘ मैं ज्योतिरादित्य सिंधिया को बधाई देता हूं जितनी मजबूती से वह UPA में सरकार का पक्ष रखते थे उतनी ही मजबूती से आज भाजपा का पक्ष रखते हैं. उन्हें बधाई. ‘वाह जी महाराज वाह.’ इसके जवाब में  ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, ‘आपका ही आशीर्वाद है.’

सिंधिया ने की सरकार की तारीफ
लॉकडाउन पर सरकार की आलोचना का जवाब देते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले कि कोरोना के मामले में देश के नेतृत्व ने सही समय पर सही निर्णय लिया. 1975 में जो इमरजेंसी लागू की गई थी तब तो पूरे देश को जेल खाना बनाया गया था. लेकिन दूसरी तरफ कोरोना के दौरान जो लॉक डाउन लगाया गया  उसका पूरे देश ने पालन किया. कोरोना महामारी की वजह से हमारी अर्थव्यवस्था का जो नुकसान हुआ था, हमारी नरेंद्र मोदी की सरकार उसे पटरी पर लेकर आई. हमारी सरकार ने कई क्षेत्रों को प्रोत्साहन दिया 5 मिनी बजट निकाले. लेकिन विपक्ष के नेता सवाल उठाने और टीका टिप्पणी में ही लगे रहते हैं. 

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बदलनी होगी जुबान बदलने की आदत
कृषि कानून पर सिंधिया ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और उसके चुनावी घोषणा पत्र का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि किसान की आय दोगुनी हो, उसे अपना उत्पादन देश में कहीं भी बेचने की स्वतंत्रता मिले, इसीलिए यह कानून लाए गए. लेकिन अफसोस इस बात का है जिन लोगों ने ऐसे कानून की वकालत की थी वही अब इसका विरोध कर रहे हैं. देश के साथ खिलवाड़ कब तक चलेगा. ‘जुबान बदलने की आदत बदलनी होगी.’ जो चीज आपने उस वक्त कही थी. उस पर आज भी अडिग रहेंगे तो आपका भी सम्मान होगा. ज्योतिरादित्य सिंधिया ने किसानों के मुद्दे पर बोलते हुए पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार के मुख्यमंत्रियों को कृषि क्षेत्र में निजी निवेश अनिवार्य बताने के लिए लिखे पत्र का जिक्र किया.

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