जिस केस के नोटिस पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द हुआ, वही याचिका कोर्ट ने लौटाई

राज्यसभा चुनाव में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मामले में नया ट्विस्ट आ गया है. जिस तेलंगाना शिकायत का हवाला देकर उनका पर्चा खारिज किया गया था, उसी मामले की याचिका को अब स्थानीय अदालत ने सुनवाई के लिए स्वीकार करने से इनकार कर दिया है.

Advertisement
सुप्रीम कोर्ट ने भी नटराजन की नामांकन रद्द के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी (File Photo: PTI) सुप्रीम कोर्ट ने भी नटराजन की नामांकन रद्द के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जून 2026,
  • अपडेटेड 11:23 PM IST

कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के मामले में नया मोड़ आ गया है. जिस याचिका में उनका नाम प्रतिवादी के रूप में शामिल था और जिसका उल्लेख न करने के आधार पर उनका नामांकन खारिज किया गया था, उसी याचिका को हैदराबाद की एक स्थानीय अदालत ने सुनवाई से इनकार करते हुए वापस लौटा दिया है.

स्थानीय अदालत ने शुक्रवार को ए. श्रीलता नामक महिला की ओर से दायर याचिका पर कहा कि इसमें विधायक और विधान परिषद सदस्य जैसे जनप्रतिनिधियों को भी प्रतिवादी बनाया गया है. ऐसे मामलों की सुनवाई नामित विशेष अदालत में होती है, इसलिए याचिकाकर्ता संबंधित अदालत का रुख करें.

Advertisement

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक श्रीलता ने अपनी याचिका में कांग्रेस नेता कुंभम शिवा कुमार रेड्डी पर शारीरिक उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था. इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई थी. याचिका में मीनाक्षी नटराजन और तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ को भी प्रतिवादी बनाया गया था.

इसी मामले का उल्लेख न करने को लेकर मध्य प्रदेश में नटराजन के राज्यसभा नामांकन पर सवाल उठे थे. राज्यसभा चुनाव के रिटर्निंग ऑफिसर अरविंद शर्मा ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद कहा था कि नटराजन ने अपने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में एक अदालत में लंबित शिकायत का उल्लेख नहीं किया, जिससे उनका हलफनामा अधूरा माना गया.

दरअसल, भाजपा उम्मीदवार महेश केवट ने रिटर्निंग ऑफिसर से शिकायत कर आरोप लगाया था कि नटराजन ने तेलंगाना में दर्ज मामले की जानकारी अपने शपथपत्र में नहीं दी है. इसके बाद उनका नामांकन रद्द कर दिया गया था. इसके बाद बीजेपी भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीत गए. 

Advertisement

नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ नटराजन ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने भी शुक्रवार को मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज कर दी. साथ ही शीर्ष अदालत ने उन्हें चुनाव याचिका के माध्यम से कानूनी चुनौती देने की स्वतंत्रता दी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »