पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी मात के बाद से ही तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दौर ठीक नहीं चल रहा. पश्चिम बंगाल में सांसदों-विधायकों का असंतोष खुलकर सामना आ रहा है, पार्षदों के करीब-करीब हर रोज ही इस्तीफे हो रहे हैं. वहीं, अब इस्तीफों का दौर पश्चिम बंगाल से बाहर अन्य राज्यों की टीएमसी इकाइयों तक भी पहुंच गया है.
अब टीएमसी में एक और इस्तीफा हुआ है. इस बार इस्तीफे की यह खबर आई है असम से. असम में टीएमसी के प्रदेश अध्यक्ष अभिजीत मजूमदार ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. अभिजीत मजूमदार ने आरोप लगाया है कि टीएमसी सिर्फ मुस्लिमों के लिए काम करती है. उन्होंने अपना इस्तीफा शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष ममता बनर्जी को भेज दिया है.
टीएमसी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अभिजीत मजूमदार ने अपना इस्तीफा ई-मेल के जरिये भेजा है. ममता बनर्जी को भेजे अपने इस्तीफे में मजूमदार ने आरोप लगाया है कि असम में टीएमसी की छवि केवल मुस्लिमों की पार्टी बनकर रह गई है. उन्होंने अपने इस्तीफे में यह भी कहा है कि बात केवल असम में पार्टी की इमेज की नहीं है.
अभिजीत मजूमदार ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल में भी टीएमसी केवल मुस्लिम समुदाय के लिए काम करती है. उन्होंने कहा है कि ऐसी परिस्थितियों में उनके लिए टीएमसी के साथ काम करते रहना संभव नहीं है. अब वह पार्टी के साथ काम जारी नहीं रख सकते. गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में टीएमसी हार गई थी. शुभेंदु अधिकारी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बना ली थी.
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बीजेपी की सरकार बनने के बाद से बंगाल में अब तक 125 से ज्यादा पार्षद टीएमसी से इस्तीफा दे चुके हैं. पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं के खिलाफ 180 से ज्यादा केस दर्ज हुए हैं. पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्षद के एक सहयोगी को बीजेपी कार्यकर्ताओं की ओर से चप्पलों से पीटे जाने का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था.
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पश्चिम बंगाल की बारासात सीट से सांसद काकोली घोष भी अपनी ही पार्टी के खिलाफ बगावत का झंडा लगातार बुलंद किए हुए हैं. पहले वह टीएमसी के आधा दर्जन विधायकों के साथ सीएम शुभेंदु की प्रशासनिक बैठक में शामिल होने पहुंच गईं और फिर लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखकर अपनी पार्टी के चीफ व्हिप कल्याण बनर्जी के खिलाफ एक्शन की मांग कर डाली.
तपस सेनगुप्ता