पश्चिम बंगाल में कटमनी पर बवाल...TMC पार्षद के सहयोगी को चप्पलों से पीटा

पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के दुबराजपुर में TMC पार्षद भास्कर रुज पर प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर कटमनी लेने का आरोप लगा है.

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टीएमसी पार्षद के सहयोगी को कटमनी के विरोध में गुस्साए लोगों ने चप्पल से पीटा टीएमसी पार्षद के सहयोगी को कटमनी के विरोध में गुस्साए लोगों ने चप्पल से पीटा

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 मई 2026,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST

पश्चिम बंगाल में TMC की हार के बाद एक-एक करके टीएमसी नेताओं की हकीकत सामने आ रही है. हाल ही में टीएमसी नेता के खेत से करोड़ों कैश और जेवरात बरामद हुए थे, तो वहीं एक नेता को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया था. अब टीएमसी का 'कटमनी कांड' भी खुलकर सामने आ रहा है.

पार्षद के करीबी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा
इसी क्रम में बीरभूम जिले के दुबराजपुर में TMC पार्षद भास्कर रुज पर प्रधानमंत्री आवास योजना में घर दिलाने के नाम पर कटमनी (रिश्वत) लेने का आरोप है. सामने आया है कि कटमनी लेने से नाराज लोगों ने पार्षद के करीबी को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा है. इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. 

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30 हजार रुपये तक ली गई कटमनी
जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के दुबराजपुर नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 में सरकारी आवास योजना में कथित 'कटमनी' वसूली को लेकर भारी हंगामा हो गय. आरोप है कि आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से 10 हजार से 30 हजार रुपये तक लिए गए. इस आरोप के बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के पार्षद भास्कर रुज समेत कई स्थानीय नेताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

TMC ने आरोपों को किया खारिज

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से यह शिकायत सामने आ रही थी कि सरकारी आवास दिलाने का आश्वासन देकर लोगों से पैसे लिए जा रहे है. बुधवार को नाराज ग्रामीण और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में पार्षद भास्कर रुज के घर पहुंच गए. हालात बिगड़ते देख पार्षद वहां से निकल गए. बताया जा रहा है कि मौके पर मौजूद उनके करीबी तृणमूल नेता संजय गड़ाई को लोगों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा.

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वीडियो में दिख रहा है कि उत्तेजित भीड़ ने उनके साथ मारपीट भी की. घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है. पार्टी का कहना है कि यह पूरी घटना राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और पार्टी की छवि खराब करने के उद्देश्य से इसे अंजाम दिया गया है.
 

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