पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार की दूसरी कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी गई. कैबिनेट बैठक के बाद सरकार में महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने प्रेस ब्रीफिंग कर सरकार के फैसलों की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि सरकार ने अन्नपूर्णा योजना को मंजूरी दे दी है. इसके साथ ही महिलाओं के लिए 1 जून से राज्य में बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा देने का फैसला लिया गया है. सरकार का कहना है कि इस योजना से बड़ी संख्या में महिलाओं को राहत मिलेगी.
7वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में 7वें वेतन आयोग के गठन को भी मंजूरी दी गई. इससे राज्य कर्मचारियों के वेतन और भत्तों को लेकर आगे प्रक्रिया शुरू होगी. इसके अलावा सरकार ने धार्मिक परियोजनाओं से जुड़े कामों को लेकर भी बड़ा फैसला लिया है. प्रेस ब्रीफिंग में बताया गया कि धार्मिक गतिविधियों से जुड़े प्रोजेक्ट इस महीने तक जारी रहेंगे, लेकिन अगले महीने से इन्हें रोक दिया जाएगा.
आवेदन के लिए खोला जाएगा पोर्टल
लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं को अब खुद ही अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ मिलेगा. मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा है कि जिन लोगों को अब तक यह लाभ नहीं मिला है, उनके लिए जल्द ही एक पोर्टल खोला जाएगा, जहां आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी. यह भी ऐलान किया कि जिन लोगों ने CAA के लिए आवेदन किया है और जिनके मामले ट्रिब्यूनल में लंबित हैं, उन्हें भी अन्नपूर्णा भंडार योजना का लाभ दिया जाएगा.
धर्म आधारित सहायता योजनाएं होंगी बंद
इसके साथ ही सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि मदरसा विभाग और सूचना एवं सांस्कृतिक विभाग के तहत चल रही धर्म आधारित सहायता योजनाओं को बंद किया जाएगा. सरकार के मुताबिक, ऐसी योजनाएं अगले महीने से रोक दी जाएंगी.
इससे पहले हुए कैबिनेट बैठक में भी नई सरकार ने अहम फैसले लिए थे. उस बैठक में सबसे पहला फैसला आयुष्मान भारत को लागू करने का लिया गया था. वहीं पश्चिम बंगाल में भारतीय न्याय संहिता भी लागू की गई थी.
पहले कैबिनेट बैठक के अहम फैसले
1. आयुष्मान भारत योजना को लागू किया जाएगा. राज्य और केंद्र सरकार मिलकर राज्य में इसे लागू करने के लिए काम करेंगे.
2. नियमों के मुताबिक, आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण में भाग लेने की अनुमति दी जाएगी.
3. आज से बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) लागू हो जाएगा. सीएम ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार (ममता सरकार) ने संविधान का उल्लंघन करते हुए बीएनएस लागू नहीं किया था. आईपीसी और सीआरपीसी पर ही काम हो रहा था.
4. बॉर्डर एरियाज में जमीन ट्रांसफर का काम आज से शुरू होगा. 45 दिनों के अंदर जमीन BSF को ट्रांसफर की जाएगी.
5. बीजेपी के जिन 321 कार्यकर्ताओं ने बंगाल में जान गंवाई, उनके परिवारों की पूरी जिम्मेदारी सरकार लेगी. बता दें कि बीजेपी का ऐसा दावा है कि बंगाल में ममता सरकार के दौरान उसके 300 से ज्यादा कार्यकर्ताओं की राजनीतिक हिंसा में हत्या हुई.
अनुपम मिश्रा