ओमान की खाड़ी में 'एमटी सेटेबेलो' जहाज पर हुए अमेरिकी हमले में जान गंवाने वाले तीन में से दो भारतीय नाविकों के पार्थिव शरीर भारत वापस भेज दिए गए हैं. ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने बुधवार को इस बात की पुष्टि की है.
अमेरिकी नौसेना के इस हमले में जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी. वहीं, 21 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इस हमले में मारे गए नाविकों के नाम आदित्य शर्मा और शिवानंद चौरसिया हैं.
भारतीय दूतावास ने इस मुश्किल वक्त पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है. दूतावास ने कहा कि दुख के इस मुश्किल समय में भारत सरकार और पूरा देश शोकाकुल परिवारों के साथ खड़ा है.
ओमान में भारतीय दूतावास ने 'एमटी जलवीर' जहाज पर सवार सभी 20 भारतीय क्रू मेंबर्स के सुरक्षित रेस्क्यू और उनकी वतन वापसी की भी पुष्टि की थी. सुरक्षित बचाए गए इन नाविकों ने संकट के समय तुरंत मदद पहुंचाने के लिए भारतीय दूतावास और ओमान के स्थानीय अधिकारियों का दिल से आभार जताया है.
पीएम मोदी ने G7 में उठाया मुद्दा, अमेरिका को किया गया तलब
भारतीय नाविकों की मौत के बाद नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच राजनयिक मोर्चे पर हलचल काफी तेज हो गई है. भारत के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब किया था. भारत ने अमेरिकी नौसैनिक अभियानों के दौरान भारतीय नागरिकों की मौत पर गहरी चिंता जताई.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले को फ्रांस में चल रहे G7 शिखर सम्मेलन के इतर आयोजित बैठकों में उठाया. पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने इस बात को रखा कि बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच व्यापारिक जहाजों और नागरिक समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है.
खतरे में 18,000 भारतीय नाविकों की सुरक्षा
बता दें कि पिछले हफ्ते ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी नौसेना ने भारतीय नाविकों वाले चार जहाजों को निशाना बनाया था. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय लगभग 18,000 भारतीय नाविक खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे हैं. ऐसे में भारत सरकार इस पूरी स्थिति पर पैनी नजर रख रही है.
शिवानी शर्मा