ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति का मतलब 'अमेरिका अकेला' नहीं, रायसीना डायल़ॉग में बोलीं तुलसी गबार्ड

दिल्ली में रायसीना डायलॉग में अपने संबोधन के दौरान, गबार्ड ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके.

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रायसीना डायलॉग में तुलसी गबार्ड रायसीना डायलॉग में तुलसी गबार्ड

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 मार्च 2025,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

अमेरिका की राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड ने मंगलवार को कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को 'अमेरिका अकेला' (America Alone) समझने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'इंडिया फर्स्ट' प्रतिबद्धता के समान ही है.  

दिल्ली में रायसीना डायलॉग में अपने संबोधन के दौरान, गबार्ड ने कहा कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ सुरक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, ताकि इंडो-पैसिफिक सहित विभिन्न चुनौतियों का सामना किया जा सके. हालांकि, इस दौरान उन्होंने अमेरिकी धरती से संचालित खालिस्तान समर्थक तत्वों की भारत की चिंताओं या ट्रंप द्वारा 2 अप्रैल से अपने व्यापारिक साझेदारों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा का जिक्र नहीं किया.

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गबार्ड, जो हिंदू धर्म का पालन करने के लिए जानी जाती हैं, ने अपने भाषण की शुरुआत नमस्ते और जय श्री कृष्ण से की. उन्होंने कहा कि यह शब्द शाश्वत दिव्य आत्मा को प्रतिबिंबित करते हैं, जो हमारे हृदयों में बसती है और यह हमें याद दिलाता है कि हम सभी जुड़े हुए हैं, चाहे हमारी जाति, नस्ल या धर्म कुछ भी हो.

भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर गबार्ड का दृष्टिकोण

गबार्ड ने कहा कि भारत-अमेरिका के संबंधों में आगे बढ़ने की बड़ी संभावनाएं हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप की 'अमेरिका फर्स्ट' नीति को 'अमेरिका अकेला' समझने की गलती नहीं करनी चाहिए, क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की 'इंडिया फर्स्ट' नीति या न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन की 'न्यूजीलैंड फर्स्ट' नीति जैसी ही है.

उन्होंने कहा, यह किसी भी नेता का अपने देशवासियों के प्रति कर्तव्य है कि वह उनके हितों को सर्वोपरि रखे और उनकी सेवा करे. गबार्ड ने जोर देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप को उन नेताओं में गिनना गलत होगा, जो अन्य देशों के साथ संबंधों को महत्व नहीं देते, क्योंकि वे साझा हितों के लिए मिलकर काम करने में विश्वास रखते हैं.

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गबार्ड की भारत यात्रा और अहम मुलाकातें

तुलसी गबार्ड रविवार सुबह भारत पहुंचीं और यह ट्रंप प्रशासन के किसी शीर्ष अधिकारी की पहली उच्च स्तरीय भारत यात्रा है. उन्होंने बताया कि अपनी भारतीय समकक्षों से मुलाकात के दौरान उन्होंने भारत की सुरक्षा चिंताओं को प्रत्यक्ष रूप से सुना और मजबूत साझेदारी के अवसरों को तलाशा. उन्होंने खुफिया जानकारी साझा करने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि समय पर सुरक्षा जानकारी प्रदान करने में सहयोग से दोनों देशों को फायदा होगा.

इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत-अमेरिका की साझेदारी

गबार्ड ने कहा कि भारत-अमेरिका की साझेदारी आपसी हितों को आगे बढ़ाने और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा, हमारे दोनों देशों की साझेदारी दशकों से मजबूत रही है और दो महान नेताओं—राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह शांति, स्वतंत्रता, सुरक्षा और समृद्धि की साझा मूल्यों पर आधारित है. उन्होंने भरोसा जताया कि हमारी यह मित्रता और साझेदारी लगातार मजबूत होती रहेगी.

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