तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को नई दिल्ली में भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और अन्य आयुक्तों से मुलाकात कर दावा किया कि वो ही असली टीएमसी हैं. बागी सांसदों ने लिखित रूप में आयोग को विस्तृत जानकारी देते हुए संगठन के दो-तिहाई हिस्से के अपने साथ होने की बात कही है.
चुनाव आयोग से मिलने के बाद बाहर आए पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता (LoP) रिताब्रता बनर्जी कहते हैं, 'हम TMC हैं, क्योंकि हमारे पास 2/3 से ज़्यादा बहुमत है. ज़्यादातर विधायक, पार्षद और ज़िला परिषद सदस्य हमारे साथ हैं.' नियम के अनुसार, किसी भी दल के नाम और चुनाव चिन्ह पर दावा करने के लिए केंद्रीय समिति, जिला परिषदों और तहसील स्तर के पूरे संगठन का दो-तिहाई हिस्सा एक तरफ होना अनिवार्य है. बागी गुट ने इस दो-तिहाई बहुमत के समर्थन का विस्तृत पत्र ईसीआई को सौंप दिया है.
हमने चुनाव आयोग को दी जानकारी
बागी गुट के नेता ने आगे कहा कि ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का 22 जून को एक विशेष सत्र हुआ था. सत्र के तुरंत बाद, हमने भारत के चुनाव आयोग को औपचारिक रूप से लिखित जानकारी दी और कोलकाता में चुनाव आयोग के अधिकारियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाक़ात की, उस समय हमने चुनाव आयोग से मुलाक़ात का समय मांगा था. मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों ने हमारी बात ध्यान से सुनी. हमने अपनी बात रखी दी है. हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग जल्द ही हमसे संपर्क करेगा.
हमने पार्टी के चुनाव चिन्ह की मांग की
चुनाव आयोग से मुलाकात के बाद सुभाषिश दास ने बताया कि आज रितब्रत बनर्जी के नेतृत्व में TMC प्रतिनिधिमंडल की ECI के साथ बैठक हुई. मैं टीम के साथ था. हमारी ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक हुई. हमने पार्टी के चुनाव चिह्न की मांग की.
बागी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी ये पूरी लड़ाई पार्टी के अंदर पनप रहे कॉर्पोरेट कल्चर, माफिया राज और परिवारवाद के खिलाफ है. वो तृणमूल कांग्रेस को इन बुराइयों से मुक्त कराना चाहते हैं.
चुनाव आयोग ने बागी सांसदों को आश्वासन दिया है कि उनके द्वारा सौंपे गए सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच की जाएगी और बहुत जल्द इस मामले पर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जाएगा.
संजय शर्मा / ऐश्वर्या पालीवाल