स्वाति मालीवाल केस: कैसे पकड़ा गया विभव कुमार, फोन फॉर्मेट करने के पीछे क्या बताई वजह?

दिल्ली पुलिस विभव से पूछताछ कर रही है और यह जानने की कोशिश कर रही है कि बिना किसी उकसावे के आखिर स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की वजह क्या थी और विभव कुमार गिरफ्तारी से पहले सीएम हाउस क्यों आया था.

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विभव कुमार (फाइल फोटो) विभव कुमार (फाइल फोटो)

अरविंद ओझा / हिमांशु मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 19 मई 2024,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

स्वाति मालीवाल मामले (Swati Maliwal Case) में अरविंद केजरीवाल के सहयोगी विभव कुमार को दिल्ली पुलिस ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास से गिरफ्तार किया. लेकिन सवाल यह है कि पुलिस को कैसे पता चला कि विभव सीएम हाउस में है. दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक विभव के सीएम हाउस में होने की जानकारी दिल्ली पुलिस को लोकल इंटेलिजेंस से मिली थी. जानकारी मिलते ही दिल्ली पुलिस तुरंत एक्टिव हुई. इसके बाद उत्तरी दिल्ली पुलिस की स्पेशल स्टाफ की टीम को तुरंत सीएम हाउस जाने के लिए कहा गया.

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उत्तरी जिले की महिला IPS अफसर और एडिशनल DCP सिविल लाइंस के SHO के साथ सीएम हाउस पहुंच गईं. पुलिस जब अंदर दाखिल हुई, तो विभव अपने रूम से खुद ही निकल कर बाहर आ गया और पुलिस ने विभव को पकड़ लिया गया. विभव को पकड़कर SHO सिविल लाइंस सीएम के पीछे वाले गेट से निकलते हुए सिविल लाइंस थाने गए. इस वक्त AAP सांसद राघव भी सीएम हाउस में ही थे लेकिन किसी ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध नहीं किया.

यह भी पढ़ें: Swati Maliwal Case: 'बीजेपी ने क्या दबाव बनाया है?', आतिशी ने स्वाति मालीवाल पर दागे सवाल

पुलिस के मुताबिक पता लगाया जा रहा है कि आखिर विभव कल सीएम हाउस क्यों आया था. स्वाति मालीवाल की शिकायत के बाद विभव सीएम के साथ लखनऊ, अमृतसर और मुंबई होते हुए दिल्ली आया.

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विभव ने क्यों फॉर्मेट किया अपना फोन?

सूत्रों के मुताबिक विभव कुमार जांच में सहयोग नहीं कर रहा है. मोबाइल फार्मेट होने के पीछे की एक ही वजह बता रहा है कि फोन हैंग हो गया था. ज्यादातर सवालों के जवाब सिर्फ हां या ना में दे रहा है. पुलिस को विभव की बात पर यकीन नहीं हो रहा है, इसलिए दिल्ली पुलिस विभव को लेकर मुंबई पुलिस के पास जा सकती है और सबूत को नष्ट करने के लिए FIR में धारा 201 जोड़ सकती है. 

यह भी पढ़ें: तीस हजारी कोर्ट ने विभव कुमार को 5 दिन की हिरासत में भेजा, पुलिस ने लगाया मोबाइल फॉर्मेट करने का आरोप

दिल्ली पुलिस विभव से ये भी पूछ रही है कि बिना किसी उकसावे के आखिर इस मारपीट की वजह क्या थी. पुलिस इस वारदात के पीछे दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच करेगी. बता दें कि पुलिस को अभी भी DVR नहीं मिला है.

दिल्ली पुलिस की रिमांड कॉपी में क्या है?

  • आरोपी ने खुलासा किया है कि उसने अपना मोबाइल मुंबई में फॉर्मेट किया था. आरोपी के मुताबिक वह Apple का iPhone 15 यूज कर रहा था, जो पासवर्ड प्रोटेक्टेड है. 
  • अभियुक्त की व्यक्तिगत उपस्थिति और सहायता के बिना फोन और इसके डेटा तक नहीं पहुंचा जा सकता है.
  • मोबाइल डेटा के एक्सेस करने और आरोपी के मोबाइल फोन के फॉर्मेटिंग के तथ्य का पता लगाने के लिए उसे एक्सपर्ट के पास ले जाना होगा, जो सबूत का अहम हिस्सा है.
  • आरोपी के दावे के मुताबिक, वह मुख्यमंत्री दिल्ली के निजी सचिव के रूप में कार्यरत है, लेकिन उसकी सेवाएं सक्षम प्राधिकारी द्वारा पहले ही समाप्त कर दी गई हैं.
  • इस पर भी पूछताछ की जानी है कि विभव सीएम आवास में कैसे काम करते रहे, जो सुरक्षा की दृष्टि से भी संवेदनशील जगह है.
  • आरोपी विभव ने इस बात का कोई जवाब नहीं दिया कि वह किसके अधीन रह कर वहां काम कर रहा है और इस संबंध में कोई लिखित आदेश भी नहीं दिखाया.
  • जेई द्वारा उपलब्ध कराए गए सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, प्रासंगिक समय और अवधि का फुटेज खाली पाया गया है और अहम सबूतों के साथ छेड़छाड़ से इंकार नहीं किया जा सकता है.
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