ठंड के दिन गए! उत्तर भारत में बढ़ेगा पारा, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार, 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश ला सकता है. इसी कारण मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और केरल तट पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

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उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर शुरू हो गया है. (Photo: PTI) उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में गर्मी का असर शुरू हो गया है. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 22 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:03 AM IST

फरवरी के अंतिम दिनों में देशभर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. जहां दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, वहीं उत्तर भारत में तापमान तेजी से बढ़ रहा है. IMD के अनुसार दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार, 22 फरवरी को दक्षिण तमिलनाडु और दक्षिण केरल में भारी बारिश ला सकता है. इसी कारण मछुआरों को दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और केरल तट पर समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है.

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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अगले सात दिनों में उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. फरवरी खत्म होते-होते अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है. मौसम वैज्ञानिक नवदीप दहिया के अनुसार अगले सप्ताह दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में तापमान 33 डिग्री तक पहुंच सकता है, जबकि राजस्थान और उत्तर प्रदेश में पारा 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक जाने की संभावना है. उन्होंने फरवरी के अंत में असामान्य गर्मी की चेतावनी दी है.

हालांकि दिन में मौसम साफ रहेगा, लेकिन रविवार सुबह और रात के समय पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हल्की ठंड का असर बना रह सकता है. यदि ठंडी हवाएं चलती रहीं तो तापमान में मामूली गिरावट भी दर्ज की जा सकती है.

हाल ही में हरियाणा और पंजाब के कुछ इलाकों में घना से अति घना कोहरा देखा गया. हरियाणा के करनाल में दृश्यता घटकर मात्र 40 मीटर तक पहुंच गई थी. मौसम विशेषज्ञ देवेंद्र त्रिपाठी के अनुसार बंगाल की खाड़ी से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा सिस्टम महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्के बादल ला सकता है.

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हालांकि दक्षिण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में भारी बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कई इलाकों में वास्तविक बारिश की संभावना काफी कम बताई गई है.

Skymet Weather की रिपोर्ट के अनुसार एल नीनो की स्थिति इस वर्ष वैश्विक तापमान को रिकॉर्ड स्तर तक ले जा सकती है, जिसका असर भारत के मौसम पर भी देखने को मिल सकता है. कुल मिलाकर, जहां दक्षिण भारत बारिश के लिए तैयार है, वहीं उत्तर भारत में फरवरी के अंत के साथ ही गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है. आने वाले दिनों में मौसम का यह बदलता मिजाज और स्पष्ट हो सकता है.

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