हटते नहीं तो हटा दिए जाते चंपत राय और अनिल मिश्रा... इस्तीफे पर खुला बड़ा राज

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आजतक की एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के पीछे ट्रस्ट के नियमों से जुड़ा अहम प्रावधान सामने आया है. सूत्रों के मुताबिक किसी पदाधिकारी या ट्रस्टी के अनियमितता का दोषी पाए जाने पर उसे दो-तिहाई बहुमत से हटाया जा सकता है.

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राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT कर रही है जांच. (Photo: ITG) राम मंदिर चढ़ावा चोरी की SIT कर रही है जांच. (Photo: ITG)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 08 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में बड़ी जानकारी सामने आई है. आजतक की एक्सक्लूसिव जानकारी के अनुसार राम मंदिर चंदा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफों के पीछे ट्रस्ट के नियमों से जुड़ा अहम कारण सामने आया है. ट्रस्ट के नियमों में प्रावधान है कि यदि कोई पदाधिकारी या ट्रस्टी गड़बड़ी या अनियमितता का दोषी पाया जाता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है.

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किसी भी लेनदेन के लिए होंगे तीनों के हस्ताक्षर
सूत्रों के अनुसार पद से हटाए जाने की संभावना को देखते हुए दोनों ने कार्रवाई से पहले ही इस्तीफा दे दिया. ट्रस्ट के नियमों के मुताबिक, किसी पदाधिकारी या ट्रस्टी को हटाने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि चंपत राय और अनिल मिश्रा ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दिया.

आजतक के पास ट्रस्ट के नियमों की एक्सक्लूसिव प्रति मौजूद है. जिसमें पदाधिकारियों को हटाने से संबंधित प्रावधान दर्ज हैं. इधर अयोध्या में कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन के दो सहयोगियों की नियुक्ति की गई है. अब राम मंदिर के बैंक खातों का संचालन कृष्ण मोहन, जगदीश और चंदन राय संयुक्त रूप से करेंगे. बैंक से जुड़े किसी भी लेनदेन के लिए तीनों के हस्ताक्षर अनिवार्य होंगे.

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अब गणना स्थल पर मौजूद रहेंगे 27 सुरक्षाकर्मी 
अब तक बैंकिंग व्यवस्था की जिम्मेदारी अनिल मिश्रा के पास थी और उनके ही हस्ताक्षर मान्य होते थे. गोविंद गिरी के केवल डिजिटल हस्ताक्षरों का उपयोग किया जाता था. अब दान गणना स्थल पर कुल 43 लोग मौजूद रहेंगे. सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करते हुए 13 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिन स्थानों पर पहले कैमरे नहीं थे, वहां भी अतिरिक्त कैमरे स्थापित कर दिए गए हैं. दान पेटी से गणना स्थल तक धनराशि लाने के लिए 27 सुरक्षा कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है.

पुलिस बल की अलग से तैनाती दान पेटी और गणना स्थल के बीच विभिन्न पिलरों के पास की जाएगी. पिलर नंबर 34 के पास तीन अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे. पिलर नंबर 34 के पास गुप्त दान पेटी रखी गई है, इसलिए वहां विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

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