अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टिन्नू यादव और उसकी पत्नी पूनम देवी के बैंक खातों की जांच के दौरान एक बड़ी मनी ट्रेल सामने आई है, जिसने पुलिस को इस कंस्ट्रक्शन कंपनी तक पहुंचाया.
जांच में पता चला है कि यह कंस्ट्रक्शन फर्म साल 2023 में आरोपी की पत्नी पूनम देवी के नाम पर रजिस्टर्ड कराई गई थी. यह फर्म लोक निर्माण विभाग (PWD) में बकायदा रजिस्टर्ड है. चौंकाने वाली बात यह है कि रजिस्ट्रेशन के पहले ही साल इस कंपनी को 45 लाख रुपये का सरकारी काम भी मिल गया था.
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जून के पहले सप्ताह में अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन का मामला सामने आया था. आरोपों की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया और शुरुआती जांच के लिए 15 दिन का समय दिया था. एसआईटी ने मामले की जांच कर 23 जून को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सरकार को सौंपी.
आठ आरोपियों को किया गया है अरेस्ट
शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई, जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार आरोपियों में रामाशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव समेत अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडेय, रामाशंकर मिश्रा और सुभाष श्रीवास्तव शामिल हैं. पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क और कथित गबन की राशि की जांच में जुटी है.
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जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी और अन्य सामान बरामद किया. सबसे ज्यादा 20.39 लाख रुपये नकद अविनाश शुक्ला के पास से मिले. इसके अलावा सोना, चांदी, विदेशी मुद्रा और "रामराज्य कोष" नाम से लिखा एक दानपात्र भी बरामद किया गया है. पुलिस बरामदी के आधार पर मनी ट्रेस और कथित गबन के पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही है.
संतोष शर्मा