अलंद क्षेत्र में वोट चोरी के आरोपों की जांच करेगी SIT, कर्नाटक सरकार ने बीके सिंह की अगुवाई में बनाई टीम

आलंद वोटर फ्रॉड मामले की जांच अब बीके सिंह की अध्यक्षता में SIT करेगी. जानकारी नहीं मिलने की वजह से CID की प्रारंभिक जांच रोक दी गई थी. SIT में तीन वरिष्ठ IPS अधिकारी शामिल हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह टीम मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच सुनिश्चित करेगी.

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कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आलंद में वोट डिलीशन के आरोप लगाए थे. (Photo-PTI) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने आलंद में वोट डिलीशन के आरोप लगाए थे. (Photo-PTI)

नागार्जुन

  • नई दिल्ली,
  • 21 सितंबर 2025,
  • अपडेटेड 1:50 AM IST

कर्नाटक सरकार ने शनिवार को आलंद वोटर फ्रॉड मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है. इस टीम की अध्यक्षता क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस बीके सिंह करेंगे.

इस मामले की शुरुआत तब हुई जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाया. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2023 विधानसभा चुनाव से पहले फर्जी फॉर्म 7 के जरिए 5,994 वोटरों को मतदाता सूची से हटाने की कोशिश की गई थी.

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CID की प्रारंभिक जांच रोक दी गई थी क्योंकि आरोपों के मुताबिक चुनाव आयोग ने आवश्यक तकनीकी डेटा उपलब्ध नहीं कराया था. अब गठित SIT में साइबरक्राइम और स्पेशल एनक्वायरी डिवीज़न के दो वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी- सईदुलु अदावत और शुभनविता-भी शामिल हैं.

दर्ज FIR और संबंधित सभी मामले SIT को सौंपने का निर्देश

सरकारी आदेश के अनुसार, SIT को पुलिस स्टेशन स्तर के अधिकार दिए गए हैं और राज्य पुलिस प्रमुख को निर्देश दिए गए हैं कि आलंद मामले में दर्ज FIR और संबंधित सभी मामले SIT को सौंपे जाएं.

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कई हाई-प्रोफाइल मामलों की बीके सिंह ने की जांच

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बीके सिंह पहले भी कई हाई-प्रोफाइल मामलों की जांच कर चुके हैं, जिनमें संपादक-कार्यकर्ता गौरी लांकेश हत्या, M.M. कलबुर्गी हत्या, और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के खिलाफ आरोप शामिल हैं. उनके नेतृत्व में ही प्रज्वल रेवन्ना को एक साल से भी कम समय में दोषी ठहराया गया था.

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने SIT की इस जांच की घोषणा की है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि आलंद वोटर फ्रॉड मामले में निष्पक्ष और त्वरित जांच हो.

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