'हमें किसानों को डिजिटल टेक्नोलॉजी के साथ बनाना होगा सशक्त', G20 कृषि मंत्रियों की बैठक में बोले PM मोदी

जी 20 कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि कृषि मंत्री के रूप में आपका काम केवल अर्थव्यवस्था के एक क्षेत्र को संभालना नहीं है बल्कि आपके ऊपर मानवता के भविष्य के लिए भी एक बड़ी जिम्मेदारी भी है.

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जी20 कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी जी20 कृषि मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए पीएम मोदी

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 जून 2023,
  • अपडेटेड 11:24 AM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को जी20 कृषि मंत्रियों की बैठक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कृषि मानव सभ्यता के केंद्र में है और हमारा फोकस मृदा स्वास्थ्य की रक्षा करना है. उन्होंने सभी वैश्विक कृषि मंत्रियों से आह्वान करते हए कहा कि कृषि मानव सभ्यता का केंद्र है, इसलिए कृषि मंत्री के रूप में आपका कार्य केवल अर्थव्यवस्था के एक क्षेत्र को संभालने का नहीं है, बल्कि आपका कंधे पर मानवता के भविष्य की एक बड़ी जिम्मेदारी है.

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प्रधानमंत्री ने कहा, 'विश्व स्तर पर, कृषि 2.5 अरब से अधिक लोगों के लिए आजीविका प्रदान करती है. आज इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से इन चुनौतियों को ग्लोबल साउथ द्वारा सबसे अधिक महसूस किया जाता है.'

किसानों को लेकर कही ये बात

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों की पारंपरिक प्रथाएं हमें फिर से कृषि के विकल्प विकसित करने के लिए प्रेरित कर सकती हैं.तकनीक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'हमें अपने किसानों को नवाचार और डिजिटल प्रौद्योगिकी के साथ सशक्त बनाने की जरूरत है. हमें ग्लोबल साउथ में छोटे और सीमांत किसानों के लिए भी समाधान किफायती बनाने चाहिए. यह समय कृषि और खाद्य अपशिष्ट को कम करने और अपशिष्ट से संपत्ति बनाने में निवेश करने का है.'

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पीएम मोदी ने कहा, 'कृषि मानव सभ्यता का केंद्र है, इसलिए कृषि मंत्री के रूप में आपका कार्य केवल अर्थव्यवस्था के एक क्षेत्र को संभालने का नहीं है. आपका कंधे पर मानवता के भविष्य की एक बड़ी जिम्मेदारी है. विश्व स्तर पर कृषि 2.5 बिलियन से अधिक लोगों के लिए आजीविका प्रदान करती है.'

2023 बाजरा वर्ष

प्रधानमंत्री ने कहा, 'कृषि क्षेत्र में भारत की नीति 'बैक टू बेसिक्स' और 'मार्च टू फ्यूचर' का मिश्रण है. हम प्राकृतिक खेती के साथ-साथ प्रौद्योगिकी आधारित खेती को भी बढ़ावा दे रहे हैं. पूरे भारत में किसान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं; वे सिंथेटिक उर्वरकों या कीटनाशकों का उपयोग नहीं कर रहे हैं. उनका ध्यान धरती माता का कायाकल्प करने पर है! वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है.बाजरा, सुपर फूड्स, न केवल उपभोग करने के लिए स्वस्थ हैं बल्कि इसमें पानी की आवश्यकता भी कम पड़ती है और अधिक कीट-प्रतिरोधी होने के कारण हमारे किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद करते हैं.'


 

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