केंद्र सरकार लेकर आई नए ड्रोन नियम, जानिए-क्या है एक्सपर्ट्स की राय

केंद्र सरकार ने गुरुवार को नई ड्रोन पॉलिसी को नोटिफाई कर दिया और दावा किया है कि यह इनोवेशन को प्रमोट करेगी और ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिटिक्स, कृषि, माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में कई अहम बदलाव लेकर आएगी.

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प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर

आशुतोष मिश्रा / पॉलोमी साहा

  • नई दिल्ली,
  • 26 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 10:43 PM IST
  • नई ड्रोन पॉलिसी को नोटिफाई किया
  • आ सकते हैं कृषि, माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में कई बदलाव

केंद्र सरकार ने गुरुवार को नई ड्रोन पॉलिसी को नोटिफाई कर दिया और दावा किया है कि यह इनोवेशन को प्रमोट करेगी और ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिटिक्स, कृषि, माइनिंग और हेल्थ सेक्टर में कई अहम बदलाव लेकर आएगी. इस पॉलिसी पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि नई ड्रोन पॉलिसी का लक्ष्य भारत को ड्रोन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है. इंडिया टुडे ने ड्रोन विशेषज्ञ अमित शर्मा और मैट्रिक्स जियो सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक राहुल जैन से बात की, जिन्होंने नई ड्रोन नीति पर अपनी राय बताई. 

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राहुल जैन ने कहा कि यह ड्रोन और नए स्टार्टअप के लिए नई व्यावसायिक नीतियां और अपने लिए नए व्यावसायिक रास्ते बनाने के लिए नए युग की शुरुआत करेगा. यह निश्चित रूप से भारत में बहुत सारे रोजगार भी पैदा करेगा. नए दिशानिर्देश भारत को आत्मनिर्भर ड्रोन हब बनाने वाली नई ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को भी बढ़ावा देंगे. नई नीति सर्विस इंडस्ट्री की भी मदद करेगी क्योंकि हम बहुत सारे ड्रोन बनाते हैं जिनका इस्तेमाल रक्षा बल उद्योग, कृषि, रेलवे और कई अन्य क्षेत्रों में किया जा सकता है. भारत का राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पहले से ही ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है.

उन्होंने आगे कहा कि पहले हमें नीतियों से संबंधित बहुत सारी बाधाएं आ रही थीं. कई अलग-अलग विभागों से बहुत सारी अनुमतियों की आवश्यकता थी, लेकिन अब यह एक सिंगल विंडो सिस्टम हो गया है. वहीं, ड्रोन एक्सपर्ट अमित शर्मा ने कहा कि ड्रोन काफी संवेदनशील चीज है. माइक्रो और नैनो ड्रोन के गैर-व्यावसायिक उपयोग की अनुमति में ढील दी गई है. 2 किलो से कम के ड्रोन को माइक्रो और नैनो ड्रोन कहा जाता है. 

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उन्होंने आगे कहा कि भारत में आपको अपनी संपत्तियों की मैपिंग, निगरानी आदि में ड्रोन की जरूरत होती है. नियमों में ढील देने से ज्यादा से ज्यादा कंपनियां मैदान में उतरेंगी. हम कृषि को नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं. यदि आप राजस्थान में हाल ही में टिड्डियों के हमले को याद करे तो इसी तरह के ड्रोन का इस्तेमाल रसायनों के छिड़काव से टिड्डियों को भगाने के लिए किया जा सकता है, क्योंकि हमारे पास कम ऊंचाई पर उन्हें उड़ाने की तकनीक है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने नई ड्रोन नीति पर कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है. उन्होंने कहा कि मेरा मानना ​​है कि सड़क पर चलने वाली टैक्सियों की तरह आने वाले समय में ड्रोन नीति के तहत हमें हवा में उड़ने वाली टैक्सियां ​​भी दिखाई दे सकती हैं.

 

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