आग उगलते सूरज की दिल्ली-NCR में 4 दिन छुट्टी! नौतपा में धूलभरी आंधी-बारिश का अलर्ट, जानें Nautapa का मॉडर्न साइंस कनेक्शन

नौतपा को भारतीय लोकज्ञान और मॉडर्न साइंस के अद्भुत कनेक्शन का उदाहरण भी माना जाता है. इन दिनों देश के कई इलाकों में भीषण गर्मी का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इस बीच मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों में 4 दिनों तक बारिश को लेकर अलर्ट भी जारी किया है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.

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दिल्ली-NCR में आज से बदल सकता है मौसम का मिजाज. (photo: ITG) दिल्ली-NCR में आज से बदल सकता है मौसम का मिजाज. (photo: ITG)

अमन मैखुरी

  • नई दिल्ली,
  • 28 मई 2026,
  • अपडेटेड 8:20 AM IST

देश के कई हिस्से इस वक्त भीषण गर्मी की चपेट में हैं. सूरज की तपिश ने मानो दिन और रात, दोनों का सुकून छीन लिया है. लगातार बढ़ता तापमान लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनता जा रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 40°C से 44°C के बीच बना हुआ है.

इस बीच नौतपा का दौर जारी है, जिसे पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, गर्मी के मौसम का सबसे तपता और कठिन समय माना जाता है. 'नौतपा' शब्द संस्कृत के दो शब्दों 'नौ' यानी 9 और 'तप' यानी गर्मी से मिलकर बना है. इस बार नौतपा 2 जून तक जारी रहेगा.

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'नौतपा' और मॉडर्न साइंस का कनेक्शन

नौतपा को भारतीय लोकज्ञान और मॉडर्न साइंस के अद्भुत मेल का उदाहरण माना जाता है. रोहिणी नक्षत्र में सूर्य के प्रवेश के साथ शुरू होने वाले इन 9 दिनों की भयानक गर्मी को ग्रामीण समाज में मानसून की ताकत का संकेत माना गया है. डाउन टू अर्थ के मुताबिक, वायुमंडलीय भौतिकी, थर्मोडायनेमिक्स और जेट स्ट्रीम के व्यवहार भी इस मान्यता को वैज्ञानिक आधार देते हैं.

इस दौरान धरती का अधिक तपना शक्तिशाली निम्न-दाब क्षेत्र बनाकर हिंद महासागर की नमी भरी हवाओं को खींचता है, ये प्रक्रिया दक्षिण-पश्चिम मानसून की शुरुआत और उसकी तीव्रता तय करने में अहम भूमिका निभाती है.

साथ ही नौतपा के दौरान खेतों की गहरी जुताई कर उन्हें खाली छोड़ने की परंपरा आधुनिक 'थर्मल सॉइल सोलराइजेशन' की तरह मानी जाती है, जिसमें मिट्टी को कीटों, रोगजनकों और खरपतवार से मुक्त कर खरीफ फसलों के लिए प्राकृतिक रूप से तैयार किया जाता है.

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नई दिल्ली में पारा 45 डिग्री के पार

आईएमडी रीजनल मेटिरियोलॉजिकल सेंटर नई दिल्ली के अनुसार, राजधानी में 19 मई को अधिकतम तापमान 45.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो इस साल अब तक मई का सबसे अधिक तापमान है. हालांकि, नौतपा के दौरान अब तक सबसे ज्यादा तापमान 27 मई को 44.3 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. लेकिन आने वाले दिनों में भी तापमान में कमी देखने को मिल सकती है.

वहीं, साल 2025 में मई महीने के दौरान सफदरजंग में 16 मई को अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि पिछले कई सालों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मई के दौरान नई दिल्ली में तापमान 2024 में 46.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है.

आज से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट वेदर के मुताबिक, 28 से 31 मई के बीच दिल्ली-एनसीआर में गरज-चमक, धूलभरी आंधी और बारिश देखने को मिल सकती हैं. खासतौर पर 30 और 31 मई को मौसम गतिविधियां सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है.

तेज धूलभरी हवाओं के बाद बारिश और गरज-चमक शुरू हो सकती है. इस दौरान तेज गर्जना, खतरनाक बिजली चमकने और कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है. विभाग ने पंजाब, हरियाणा, पश्चिम उत्तर प्रदेश में भी मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया है.

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सुरक्षा के लिए जरूरी सलाह

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने लोगों से मौसम से जुड़े अपडेट्स पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी है. आईएमडी ने खराब मौसम के दौरान घर के अंदर रहने, खिड़कियां और दरवाजे बंद रखने. बहुत जरूरी न हो तो यात्रा से बचने, आंधी-तूफान और बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित जगह आश्रय लेने, पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की बात कही है. इसके अलावा विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक और बिजली से चलने वाले उपकरणों के प्लग निकालने और इस दौरान नदी या किसी जलस्रोत के पास न जाने की सलाह दी है.

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