मॉनसून की तेज बारिश ने पूरे देश में कहर बरपाया है. नदियां उफान पर हैं, सड़कें जलमग्न हो गईं और पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आई हैं. उत्तर भारत, पूर्वोत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मॉनसून की बारिश ने तबाही मचाई है. गुजरात के सूरत शहर में भारी बारिश ने हालात पूरी तरह बदल दिए हैं. सड़कें नदियों में बदल गईं, घरों में पानी घुस गया और कई लोगों की जान चली गई है. वहीं, उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून की बारिश जानलेवा साबित हुई है.
सूरत में जलप्रलय जैसी स्थिति
गुजरात के सूरत में पिछले कुछ दिनों में रिकॉर्ड बारिश हुई है. शहर के निचले इलाकों में 3-4 फीट तक पानी भर गया. सड़कें तालाब जैसी दिखने लगीं और लोग घरों में कैद होने को मजबूर हुए. गुजरात के सूरत शहर में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश से कई इलाकों में बाढ़ आई है. सूरत के अलावा गुजरात के दूसरे जिलों जैसे नवसारी, वलसाड, जूनागढ़ में भी भारी बारिश का सिलसिला जारी है. मौसम विभाग (IMD) ने कई जगहों पर रेड अलर्ट जारी किया है. बता दें कि गुजरात में मॉनसून की बारिश के कहर में अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है.
उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर
उत्तर प्रदेश में भी मॉनसून ने जानलेवा रूप लिया है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों से भी भारी बारिश से हो रही मुश्किलों की तस्वीरें सामने आई हैं. यूपी के कई शहरों में लगातार हो रही बारिश के चलते 7 लोगों की मौत हो गई है. गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, बिजनौर, हापुड़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, मुरादाबाद में हालात खराब हैं. 12वीं तक के स्कूल बंद बंद हैं. मौसम विभाग ने 10 जुलाई को भी प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत यूपी के 60 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है.
उत्तराखंड पर मौसम की दोहरी मार
उत्तराखंड पर मौसम की दोहरी मार पड़ रही है, आसमान से मेघ बरस रहे हैं तो दरकते पहाड़ से बोल्डर गिर रहे हैं. ऊंचाई वाले इलाकों में हुई बारिश से नदियो में उफान आ गया है.
महाराष्ट्र में हादसा
पुणे के पास पिंपरी चिंचवड़ में कचरे के ढेर के गिरने से वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट की इमारत ढह गई. गुरुवार को एक शव मिला, जबकि कुछ लोग अभी भी मलबे में फंसे बताए जा रहे हैं. वहीं, एक बुजुर्ग पेड़ गिरने से घायल हुए थे, उन्होंने अस्पताल में दम तोड़ दिया.
अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल में तबाही
अरुणाचल प्रदेश के छह जिलों में बाढ़ और भूस्खलन से घर, सड़कें और फसलें बर्बाद हो गईं हैं. हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में भी एक नदी में पानी बढ़ने से 100 फीट लंबा आयरन ब्रिज डूब गया. लिप्पा गांव का रास्ता बंद हो गया है.इस बीच शिमला मौसम विभाग ने 15 जुलाई तक भारी बारिश का 'येलो अलर्ट' जारी किया है.
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई जगह पेड़ उखड़ गए, लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही हैं और बिजली-पानी की सप्लाई भी बाधित हुई है. राज्य में कुल 75 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) के अनुसार, गुरुवार देर शाम तक 75 सड़कें बंद हो चुकी थीं. 29 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) प्रभावित हुए और 5 पानी की योजनाएं बाधित हुई हैं. कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए और छोटे-मोटे लैंडस्लाइड भी हुए हैं, जिससे यातायात पर असर पड़ा है.
वायनाड में लैंडस्लाइड
केरल के वायनाड में लैंडस्लाइड से अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है. दो लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं. मौसम विभाग ने मलप्पुरम, कोझीकोड और वायनाड के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है.
बारिश का रिकॉर्ड
जुलाई के पहले नौ दिनों में देशभर में औसत से ज्यादा बारिश हुई है. सामान्य 73.8 मिलीमीटर के मुकाबले 101.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बाकी हिस्सों समेत पूरे देश में पहुंच गया है.
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