मणिपुर में असम राइफल्स के कैंप पर भीड़ का हमला, कई वाहनों को लगाई आग

मणिपुर के सेनापति शहर में मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात को उग्र भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की. सुरक्षा बलों ने पुलिस और सीआरपीएफ के सहयोग से संयम बरतते हुए आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग कर स्थिति पर काबू पा लिया.

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मणिपुर में असम राइफल्स के कैंप पर भीड़ का हमला. (photo: ITG) मणिपुर में असम राइफल्स के कैंप पर भीड़ का हमला. (photo: ITG)

aajtak.in

  • इंफाल,
  • 15 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 9:09 AM IST

मणिपुर के सेनापति शहर में 14-15 जुलाई की दरमियानी रात को उग्र भीड़ ने असम राइफल्स के कैंप पर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ की, जिसमें असम राइफल्स के कई वाहनों को नुकसान हुआ है. साथ ही भीड़ ने दो ट्रकों को पलट दिया. इसके बाद सुरक्षा बलों ने संयम बरतते हुए मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ के सहयोग से स्थिति को नियंत्रित किया है.

सुरक्षाबल अधिकारियों ने बताया कि खुफिया रिपोर्टों और सोशल मीडिया पोस्टों से पता चला कि हथियारबंद कैडर ओकलॉन्ग में तय NSCN (IM) कैंप के माकुइलोंगदी इलाके में घूम रहे थे. उनके पास हथियार थे और उन्होंने यूनिफॉर्म पहनी हुई थी, जो सीजफायर के नियमों का साफ उल्लंघन है. इसके बाद सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करते हुए सीजफायर मॉनिटरिंग ग्रुप (CFMG) को औपचारिक रूप से इन उल्लंघनों की जानकारी दी गई थी और फिर इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया.इसी सर्च ऑपरेशन के विरोध में भड़की भीड़ ने कैंप पर हमला कर दिया. सुरक्षा बलों ने पुलिस के साथ मिलकर आंसू गैस के गोले दागे और हवाई फायरिंग कर आधी रात तक हालात पर काबू पा लिया.

अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन के दौरान मकुइलॉन्गडी और ओकलॉन्ग गांवों की ओर बढ़ रहे असम राइफल्स के जवानों को स्थानीय निवासियों (जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं) ने रोक दिया. जवानों ने बहुत संयम बरता और स्थानीय प्रतिनिधियों से बात की. उन्हें भरोसा दिलाया कि इस ऑपरेशन का मकसद सिर्फ इलाके में सुरक्षा और शांति बनाए रखना है और वो अधिकारियों की सहमति के बिना किसी गांव में नहीं घुसेंगे. इसके बावजूद रात 9 बजे सेनापति शहर में बड़ी भीड़ जुटने की खबरें आईं. जवानों के पीछे हटने के बाद भी रात साढ़े नौ बजे भीड़ ने कैंप पर पहुंचकर पथराव और आगजनी की कोशिश की.

इसके बाद मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने और शांति स्थापित करने के लिए हल्के बल का प्रयोग करते हुए हवा में फायरिंग की और भीड़ को तितर-बितकर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. इस दौरान पीछे हटते वक्त उग्र भीड़ ने असम राइफल्स के वाहनों में तोड़फोड़ की, जिसमें एक हल्के वाहन को आग लगा दी गई और दो ट्रकों को पलट दिया गया. इस हिंसा के दौरान एक सिविल कार को भी जला दिया गया.

सुरक्षा बलों और पुलिस के समन्वित प्रयासों से आधी रात तक भीड़ को पूरी तरह हटाकर स्थिति पर काबू पा लिया गया. सेनापति में वर्तमान में शांति है और किसी भी स्थानीय नागरिक या सुरक्षाकर्मी के घायल होने या हताहत होने की खबर नहीं है.

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