'भारत की वन्यजीव विविधता को बढ़ावा', कूनो नेशनल पार्क में 12 चीतों के आने पर बोले PM मोदी

साउथ अफ्रीका से लाए गए 12 चीतों को शनिवार को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ दिया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इससे भारत की वन्यजीव विविधता को बढ़ावा मिलता है.

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कूनो नेशनल पार्क में 12 चीते और लाए गए (फाइल फोटो) कूनो नेशनल पार्क में 12 चीते और लाए गए (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 फरवरी 2023,
  • अपडेटेड 11:29 AM IST

साउथ अफ्रीका से 12 चीतों को मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में लाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि इससे भारत की वन्यजीव विविधता को बढ़ावा मिलता है. शनिवार को मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में बने कूनो नेशनल पार्क में इन 12 चीतों को छोड़ दिया गया है. बीते साल सितंबर महीने में अफ्रीकी देश नामीबिया से आठ चीतों के एक जत्थे को लाया गया था.  

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मध्य प्रदेश में चीतों के पहुंचने पर पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के एक ट्वीट को टैग करते हुए पीएम मोदी ने ट्विटर पर कहा, "इससे भारत की वन्यजीव विविधता को बढ़ावा मिलता है." 

भूपेंद्र यादव ने अपने ट्वीट में शनिवार को चीतों का स्वागत करते हुए कहा था कि पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू किया गया प्रोजेक्ट चीता आज कूनो नेशनल पार्क में एक और मील के पत्थर पर पहुंच गया है. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय कृषि मंत्री की उपस्थिति में 12 चीतों को पार्क में छोड़ा गया.  

1952 में देश से विलुप्त घोषित कर दिया गया था

दूसरे महाद्वीपों से चीतों को लाना भारत सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का हिस्सा है, जो इन जानवरों को विलुप्त होने के 7 दशक बाद देश में फिर से पेश करने के लिए है. देश के आखिरी चीते की मृत्यु वर्तमान छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में 1947 में हुई थी और इस प्रजाति को 1952 में विलुप्त घोषित कर दिया गया था. 

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कूनो नेशनल पार्क में अब 20 चीते

साउथ कोरिया से 12 अन्य चीतों के भारत आने के बाद अब कूनो नेशनल पार्क में इनकी संख्या 20 हो गई है. इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल 17 सितंबर को नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को अपने जन्मदिन के अवसर पर केएनपी में छोड़ा था. इनमें से पांच चीते फीमेल और तीन चीते मेल थे. जंगल में छोड़ने से पहले ये चीते पार्क में ही शिकार करते थे. 

 

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