कर्नाटक के मंत्री यूटी खादर ने मंगलुरु के पूर्व पुलिस कमिश्नर संदीप पाटिल के सख्त पुलिसिंग कार्यकाल को याद करते हुए अपराधियों और असामाजिक तत्वों के मन में कानून का कड़ा खौफ पैदा करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि उस वक्त गुंडागर्दी और लूटपाट में शामिल आरोपियों को हाथों या पैरों में गोली मारी जाती थी, जिससे अपराधियों के मन में भय पैदा हो गया था.
साथ ही अपराधियों के मन में ऐसा खौफ पैदा करने के उद्देश्य से मंत्री ने पुलिस विभाग से वर्तमान में हो रही हत्याओं, जिला बदर के आदेशों और केकोका (KCOCA) मामलों का पूरा डेटा मांगते हुए इस सुनियोजित कार्रवाई को लगातार जारी रखने की अपील की.
मंत्री यूटी खादर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 'जब वो दक्षिण कन्नड़ जिले के प्रभारी मंत्री थे, तब कमिश्नर संदीप पाटिल डकैती और गुंडागर्दी में शामिल अपराधियों के हाथ या पैर में सीधे गोली मारने का आदेश देते थे. पुलिस की इस सख्त मुठभेड़ कार्रवाई के कारण महज एक हफ्ते के अंदर इलाके के तमाम नामी गुंडे और अपराधी खुद लाइन में आकर खड़े हो जाते थे. उनकी माताएं और पत्नियां आकर गुहार लगाती थीं. अपराधियों, हिस्टीशीटरों और चोरों में कानून का भय होना चाहिए. असामाजिक तत्वों में कानून का कुछ भय होना चाहिए.'
यूटी खादर ने स्पष्ट किया कि हमें समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए कानून की सख्त जरूरत है, लेकिन इसके साथ ही अपराधियों, बदमाशों और चोरों के दिलों में इस कानून का डर होना भी बेहद लाजमी है. उन्होंने पुलिस से अपील की कि वो व्यवस्थित तरीके से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखें.
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