दिल्ली में PM की मीटिंग से पहले J-K की सीटों पर परिसीमन आयोग की बड़ी बैठक, मांगी गई ये रिपोर्ट

जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें 8 पार्टियों के 12 नेता शामिल होंगे. इस बैठक से पहले कल परिसीमन आयोग ने जम्मू और कश्मीर के सभी 20 जिलों के उपायुक्तों (डीसी) के साथ बैठक की.

Advertisement
निर्वाचन आयोग निर्वाचन आयोग

aajtak.in

  • जम्मू,
  • 24 जून 2021,
  • अपडेटेड 8:12 AM IST
  • 20 जिलों के DC के साथ आयोग की बैठक
  • J-K की सीटों की संख्या हो सकती है 114

जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सर्वदलीय बैठक बुलाई है, जिसमें 8 पार्टियों के 12 नेता शामिल होंगे. इस बैठक से पहले बुधवार को परिसीमन आयोग ने जम्मू और कश्मीर के सभी 20 जिलों के उपायुक्तों (डीसी) के साथ बैठक की. इस बैठक में उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण ने जिला आयुक्तों से लोगों की आकांक्षाओं समेत कई मसलों पर फीडबैक लिया.

Advertisement

परिसीमन आयोग की ओर से जनसांख्यिकी पर विस्तृत रिपोर्ट जिला आयुक्तों से मांगी गई है. अनुच्छेद 370 और 35A के हटने से पहले जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीट की संख्या 87 थी, जिसमें जम्मू में 37, कश्मीर में 46 और लद्दाख में 4 सीटें थीं. 5 अगस्त, 2019 को लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था, इसलिए विधानसभा की कुल संख्या 83 हो गई है.

परिसीमन आयोग अब 2011 की जनगणना के अनुसार विधानसभा क्षेत्रों को फिर से बनाने जा रहा है, लेकिन सीटों की संख्या में केवल 7 सीटों की वृद्धि होने वाली है, इसलिए परिसीमन के बाद विधानसभा की कुल संख्या 90 होगी. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 24 खाली सीटें भी हैं जो पाकिस्तान अधिकृत जम्मू कश्मीर (पीओजेके) के लिए आरक्षित हैं.

परिसीमन का उद्देश्य सीटों की सीमाओं (पिछली जनगणना, 2011 के आधार पर) को एक तरह से फिर से बनाना है ताकि सभी सीटों की आबादी पूरे राज्य में समान हो. एक निर्वाचन क्षेत्र की सीमा बदलने के अलावा, इस प्रक्रिया के परिणामस्वरूप राज्य में सीटों की संख्या में परिवर्तन हो सकता है.

Advertisement

परिसीमन प्रक्रिया पर चर्चा के लिए परिसीमन आयोग जल्द ही जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक दलों के साथ बैठक करेगा. जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों के उपायुक्तों ने परिसीमन आयोग को अंतिम डेटा भेजा है और आयोग अब एक मसौदा परिसीमन मानचित्र पर काम कर रहा है. नक्शा तैयार होने के बाद आपत्तियों और सुझावों के लिए इसे सार्वजनिक किया जाएगा.

परिसीमन 2011 की जनगणना पर आधारित होगा, लेकिन आयोग ने उपायुक्तों से भौतिक विशेषताओं और जनसांख्यिकीय पैटर्न के साथ-साथ लिंग डेटा के संबंध में अपने संबंधित जिलों से डेटा देने के लिए कहा है.  सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त जज रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला परिसीमन पैनल जम्मू-कश्मीर में परिसीमन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए काम कर रहा है. मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) सुशील चंद्रा भी पैनल में हैं.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »