Indian Railways: कोयला संकट के बीच कई राज्यों में घंटों की बिजली कटौती, ट्रेनों की 753 ट्रिप्स को रेलवे ने किया रद्द

Train Cancel: रेलवे मंत्रालय ने ट्रेनों की 753 ट्रिप्स को कैंसिल कर दिया है, ताकि कोयला लेकर जा रहीं ट्रेनों को कोई भी देरी न हो. रद्द की गईं ट्रेनों में मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं.

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aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 30 अप्रैल 2022,
  • अपडेटेड 9:02 AM IST
  • रोजाना हो रही दो से दस घंटे की बिजली कटौती
  • ट्रेनों में मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल

Indian Railways: देश के विभिन्न राज्यों में कोयले संकट की वजह से बिजली की आपूर्ति पर असर पड़ा है. दिल्ली, यूपी, राजस्थान समेत ज्यादातर राज्यों में कई घंटों तक रोजाना बिजली की सप्लाई ठप हो रही है. इस संकट को दूर करने के लिए रेलवे भी अपनी पूरी ताकत झोंक रहा है. रेल मंत्रालय ने ट्रेनों की 753 ट्रिप्स को कैंसिल कर दिया है, ताकि कोयला लेकर जा रहीं ट्रेनों को कोई भी देरी न हो. रद्द की गईं ट्रेनों में मेल, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार, ट्रेनों की ये ट्रिप्स 10 दिनों तक की अनुमानित अवधि के लिए स्थगित होने की संभावना है. आपूर्ति में सहायता के लिए कुल 533 कोयला रेक को ड्यूटी पर लगाया गया है. 

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भीषण गर्मी के बीच जम्मू कश्मीर से आंध्र प्रदेश तक रोजाना दो घंटे से लेकर आठ घंटों तक कटौती हो रही है. ऐसे में भीषण गर्मी और हीटवेव के चलते जनता को दोहरे संकट का सामना करना पड़ रहा है. ट्रेनों के कैंसिल होने की वजह से छत्तीसगढ़, ओडिशा, मध्य प्रदेश और झारखंड जैसे कोयला उत्पादक राज्यों से आने-जाने वाले लोगों को असुविधा हो रही है. कोयला उत्पादक क्षेत्रों को कवर करने वाले दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) डिवीजन ने 34 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि उत्तर रेलवे (एनआर) ने आठ ट्रेनों को रद्द कर दिया है.

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न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी अथॉरिटी (सीईए) की डेली कोल स्टॉक रिपोर्ट में कहा गया है कि 165 थर्मल पावर स्टेशनों में से 56 में 10 फीसदी या उससे कम कोयला बचा है, और कम-से-कम 26 के पास पांच फीसदी से कम स्टॉक बचा है. भारत की 70 प्रतिशत बिजली की मांग कोयले से पूरी होती है. एसईसीआर के तहत कुछ यात्री सेवाएं जैसे बिलासपुर-भोपाल ट्रेन, जिसे 28 मार्च को निलंबित कर दिया गया था, अब 3 मई तक इसी स्थिति में रहेगी, जबकि महाराष्ट्र के गोंदिया और ओडिशा के झारसुगुडा के बीच मेमू 24 अप्रैल से 23 मई तक रद्द कर दिया गया है.

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दक्षिण मध्य रेलवे ने जहां 22 मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों और 12 यात्री ट्रेनों को रद्द कर दिया है, वहीं उत्तर रेलवे ने चार मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों और इतनी ही यात्री सेवाओं को रद्द कर दिया है. कहा गया है कि रद्द होने के बाद, रेलवे ने कोयले की औसत दैनिक लोडिंग 400 से अधिक कर दी है, जो पिछले पांच वर्षों में सबसे अधिक है. गुरुवार को 427 रेक में 1.62 मिलियन टन कोयला लोड किया गया था. 

इस मामले की जानकारी रखने वाले अधिकारियों ने कहा कि लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है. ट्रेन सेवाओं के निलंबन या रद्द करने पर रेल मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की गई है. अधिकारियों ने कहा कि कुल मिलाकर, रेलवे ने एससीईआर और एनआर रेलवे ज़ोन में 753 ट्रिप - 363 मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों और 390 पैसेंजर ट्रेनों को रद्द कर दिया है. इसके अलावा, रेलवे ने चुनिंदा मार्गों पर रेल और पार्सल के लिए लोडिंग प्रतिबंध भी लगाया है.

 

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