स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव 2020: नितिन गडकरी बोले- GDP में खेती के योगदान को 16 से 30% करने की जरूरत

स्टेट ऑफ स्टेटस कॉन्क्लेव 2020 में कृषि के विकास को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि जीडीपी के तीन मुख्य घटक हैं. कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती का जीडीपी में 14 से 16 फीसदी तक योगदान है, लेकिन जब तक इस योगदान को बढ़ाकर 30 फीसदी तक नहीं ले जाया जएगा तब तक देश के शहरी क्षेत्र का भी विकास नहीं हो सकता है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो) केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 05 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:55 PM IST
  • 'स्टेट ऑफ स्टेट्स कॉन्क्लेव से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी'
  • 16 से 30 फीसदी करना होगा कृषि क्षेत्र का योगदान
  • ज्ञान से धन अर्जन ही हमारा भविष्य- गडकरी

इंडिया टुडे ग्रुप के कार्यक्रम इंडिया टुडे स्टेट ऑफ स्टेटस कॉन्क्लेव 2020 में केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि इंडिया टुडे ग्रुप के इस पहल से राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ेगी, राज्य अच्छे से अच्छा काम करने के लिए प्रेरित होंगे और इससे निश्चित रूप से देश को फायदा होगा. 

इस कार्यक्रम में शिरकत करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी ने कहा कि इंडिया टुडे गुड गवर्नेंस के आधार पर राज्यों का मूल्यांकन कराने के लिए बधाई का पात्र है. केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि हमारा देश धनवान है, लेकिन यहां के लोग गरीब हैं. इसका कारण हमारी आर्थिक नीतियां हैं. लेकिन अगर हम आर्थिक नीतियों को ठीक से लागू करें तो देश का विकास हो सकता है. राज्यों का विकास कर सकते हैं. 

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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हमने इस देश में संघीय ढांचे को स्वीकार किया है. देश में राज्यों का विकास केंद्र की मदद के बिना नहीं हो सकता है और भारत का विकास राज्यों के बिना नहीं हो सकता है. 

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि दोनों में सहयोग के लिए तीन चीजें आवश्यक है. को-ऑपरेशन, कॉर्डिनेशन और कम्यूनिकेशन. गडकरी ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने इस पर जोर दिया था. उन्होंने कहा कि किसी राज्य में किसी भी पार्टी की सरकार हो इन मूल भावनाओं पर ही काम किया जा सकता है. 

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देश के विकास में कृषि के विकास को रेखांकित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जीडीपी के तीन मुख्य घटक है. कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि खेती का जीडीपी में 14 से 16 फीसदी तक योगदान है, लेकिन जब तक इस योगदान को बढ़ाकर  30 फीसदी तक नहीं ले जाया जएगा तब तक देश के शहरी क्षेत्र का भी विकास नहीं हो सकता है. 

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जब निर्माण सेक्टर का योगदान 22-23 फीसदी है. जबकि सर्विस सेक्टर का योगदान 52 से 56 प्रतिशत है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कभी गांवों में 80 फीसदी लोग रहते थे, लेकिन अब ये घटकर 60 फीसदी हो गई है. गांवों से शहरों की ओर लोग गए हैं. अगर गांवों में रोजगार मिल जाएगा तो पलायन नहीं होगा. 

इंफ्रास्ट्रक्चर की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि ये बेहद जरूरी है. उन्होंने इस सेक्टर के लिए चार चीजें जरूरी है. पानी, बिजली, परिवहन और संचार. उन्होंने कहा कि हम इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं. ट्रांसपोर्ट में इलेक्ट्रिक कार, इथेनॉल जैसे नए प्रयोग किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि हमें ऐसी अर्थव्यवस्था बनानी है जो रोजगार निर्माण करने वाली है.

नितिन गडकरी ने कहा कि इनोवेशन आंत्रप्रेन्योरशिप, साइंस, तकनीक, रिसर्च और सक्सेसफुल प्रैक्टिस के जरिए हमें आगे बढ़ना है. इसे हम नॉलेज भी कह सकते हैं और इस ज्ञान से धन अर्जन ही हमारा भविष्य है. केन्द्रीय मंत्री ने भारत की मेधा के लिए भारतीय डॉक्टरों और सॉफ्टवेयर इंजीनियरों का उदाहरण दिया. 

इससे पहले इंडिया टुडे ग्रुप के ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि इंडिया टुडे ग्रुप बेहतर शासन प्रणाली, इकोनॉमी, रोजगार, बेहतर इन्फ्रा, रोजगारपरक शिक्षा, कानून व्यवस्था, पर्यटन जैसे मानकों के आधार पर राज्यों की रैकिंग करता रहा है. 
 

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