'अनोखा हेलमेट' प्रदूषण से 80% तक बचाएगा, भारतीय बाजार में इतनी है कीमत

दिल्ली-एनसीआर के लोगों को प्रदूषण से बचाने के लिए सरकार अब एक हेलमेट को बढ़ावा दे रही है. इस हेलमेट की खासियत यह है कि यह प्रदूषण को 80% तक कम कर देता है. इसमें फिल्टर और पीछे की तरफ एक पंखा लगा है. यह एक सामान्य हेलमेट की तुलना में लगभग चार गुना तक महंगा है.

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सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 10:07 AM IST

राजधानी दिल्ली के आसपास वायु प्रदूषण के चलते लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है. सर्दी के मौसम में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं, जब दिल्ली-NCR क्षेत्र में घना कोहरा छा जाता है. ऐसे में अब उम्मीद की एक किरण नजर आ रही है. 

एजेंसी के मुताबिक सरकार एक खास मोटरसाइकिल हेलमेट को बढ़ावा दे रही है. इस हेलमेट में कई खासियत हैं. इसमें फिल्टर और पीछे की तरफ एक पंखा लगा है. हेलमेट बनाने वाली कंपनी का दावा है कि इसे पहनने वाले तक 80% प्रदूषण कम पहुंचता है. 

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राज्य की एजेंसियों ने हेलमेट बनाने वाली कंपनी में हजारों डॉलर का निवेश किया है. यह एक स्टार्टअप है, जिसके संस्थापक अमित पाठक हैं. उन्होंने बताया कि यह दुनिया में इस तरह का पहला प्रयोग है. पाठक ने कहा कि कंपनी ने मलेशिया, थाईलैंड और वियतनाम जैसे दक्षिण पूर्व एशियाई देशों से भी दिलचस्पी दिखाई है.

अमित ने बताया कि जब दिल्ली-NCR की प्रदूषित हवा पर पहली बार बहस छिड़ी. जहरीली हवा ने दिसंबर के मध्य से फरवरी तक नई दिल्ली के लोगों को मुश्किलों में डाल दिया. बची-खुची कसर पड़ोसी राज्यों में जलाए जाने वाले फसलों के कचरे ने पूरी कर दी. इससे भी की मात्रा बढ़ गई.

प्रोजेक्ट पर काम कर रहे इलेक्ट्रिकल इंजीनयर पाठक ने बताया कि ऑफिस या घर के अंदर तो एयर प्यूरीफायर लगाया जा सकता है. लेकिन जो लोग बाइक पर चलते हैं. उनके लिए कोई सुरक्षा नहीं है. इसलिए उनकी कंपनी ने एक एयर प्यूरीफिकेशन यूनिट के साथ मिलकर एक हेलमेट डिजाइन किया है. 

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हेलमेट में एक फिल्टर झिल्ली से कवर्ड और बैटरी से चलने वाला पंखा लगा है. इसका बैकअप 6 घंटे का है. इसे माइक्रोयूएसबी स्लॉट के जरिए चार्ज किया जा सकता है. पाठक ने बताया कि हेलमेट की बिक्री 2019 में शुरू हुई. दिल्ली की एक स्वतंत्र प्रयोगशाला के जरिए इसका परीक्षण कराया गया. यह 80% से ज्यादा प्रदूषण को इस्तेमाल करने वाले की सांसों में नहीं फैलने देता.

एजेंसी द्वारा देखी गई 2019 की एक परीक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि यह फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाले पीएम 2.5 एयरबोर्न कणों को 43.1 माइक्रोग्राम से घटाकर 8.1 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर कर देता है.

भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय का दावा है कि हेलमेट बाइकर्स को ताजी हवा मुहैया कराने में मददगार है. बता दें कि हर साल जारी होने वाली प्रदूषण सर्वे रिपोर्ट में पिछले साल भारत के 50 में से 35 शहर बुरी तरह से प्रभावित बताए गए थे. इस हेलमेट की कीमत 4,500 रुपये (56 डॉलर) तय की गई है. यह एक सामान्य हेलमेट की तुलना में लगभग चार गुना तक महंगा है.

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