भारत-फ्रांस डील... राफेल से पनडुब्बी तक, रक्षा क्षेत्र में 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मुंबई में रक्षा संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाते हुए 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' का ऐलान किया है.

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मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई. (Photo: PTI) मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात हुई. (Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 18 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

भारत और फ्रांस ने 17 फरवरी 2026 को मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की वार्ता के दौरान अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' में बदल दिया है. दोनों देशों ने भारतीय नौसेना के लिए 26 राफेल-मरीन फाइटर जेट के अनुबंध और वायुसेना के लिए 114 नए मल्टीरोल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है. इस रणनीतिक गठबंधन का अहम मकसद भारत में एडवांस डिफेंस सिस्टम्स का सह-डिजाइन और सह-उत्पादन करना है. 

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इसके तहत टाटा और एयरबस ने देश की पहली निजी हेलीकॉप्टर निर्माण सुविधा शुरू की है. साथ ही, दोनों देशों ने अंतरिक्ष, साइबर डोमेन और समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. 

सेनाओं के बीच आपसी समझ बढ़ाने के लिए 2026 से एक-दूसरे के सशस्त्र बलों में अधिकारियों की तैनाती भी की जाएगी.

राफेल और लड़ाकू विमानों का भारत में निर्माण

रक्षा वैमानिकी के क्षेत्र में दोनों देशों ने ऐतिहासिक प्रगति की है. नौसेना के विमानवाहक पोतों के लिए 26 राफेल-मरीन जेट के अलावा, 114 नए लड़ाकू विमानों के बड़े प्रोजेक्ट पर भी सहमति बनी है. खास बात यह है कि अब केवल खरीद-फरोख्त नहीं होगी, बल्कि फ्रांस की दिग्गज कंपनी सफरान भारतीय साझेदारों के साथ मिलकर लड़ाकू विमानों के इंजन का निर्माण भारत में ही करेगी. यह 'मेक इन इंडिया' की दिशा में एक बड़ा कदम है.

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मिसाइल और हेलीकॉप्टर का स्वदेशी उत्पादन

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और सफरान मिलकर 'हैमर' (HAMMER) गाइडेड मिसाइलों का उत्पादन भारत में करेंगे. इसी कड़ी में पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस के सहयोग से बनी यह सुविधा भारत की पहली निजी क्षेत्र की हेलीकॉप्टर फैक्ट्री है, जहां से निर्यात की भी संभावनाएं हैं.

समुद्री ताकत और पनडुब्बी कार्यक्रम

भारत और फ्रांस की अंडर-सी साझेदारी भी मजबूत हुई है. स्कॉर्पीन पनडुब्बी कार्यक्रम (प्रोजेक्ट-75) के तहत सभी छह पनडुब्बियां भारतीय नौसेना को सौंपी जा चुकी हैं. दोनों देशों ने भविष्य में पनडुब्बी प्रौद्योगिकियों में निरंतर सहयोग करने का संकल्प लिया है. इसके अलावा, वरुण, शक्ति और गरुड़ जैसे नियमित द्विपक्षीय सैन्य अभ्यासों के जरिए सामरिक तालमेल को और विस्तार दिया जाएगा.

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भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एक 'जॉइंट एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप' बनाया जाएगा. यह ग्रुप उभरती और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों को मिलकर विकसित करेगा. अंतरिक्ष रक्षा में भी सहयोग गहरा होगा, जिसमें भारत का DRDO और फ्रांस का DGA मिलकर स्पेस सिचुएशन अवेयरनेस पर काम करेंगे. दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में एक मुक्त और नियम-आधारित व्यवस्था बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है.

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