मनीष कश्यप समेत 4 इन्फ्लुएंसर पर FIR, नितिन गडकरी और इथेनॉल पर भ्रामक जानकारी फैलाने का आरोप

नागपुर साइबर पुलिस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, टोयोटा और इथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर कथित भ्रामक जानकारी फैलाने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप समेत चार इन्फ्लुएंसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. मामला बीजेपी सोशल मीडिया सेल के शहर अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज हुआ. पुलिस ने बीएनएस की धाराओं 352, 356, 296 और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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यूट्यूबर मनीष कश्यप पर FIR दर्ज की गई है. Photo ITG यूट्यूबर मनीष कश्यप पर FIR दर्ज की गई है. Photo ITG

योगेश पांडे

  • नागपुर,
  • 14 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 5:08 PM IST

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, टोयोटा और इथेनॉल को लेकर सोशल मीडिया पर कथित तौर पर भ्रामक जानकारी प्रसारित करने के आरोप में नागपुर शहर साइबर पुलिस ने चार सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.

यह मामला बीजेपी सोशल मीडिया सेल, नागपुर शहर के अध्यक्ष शिशिर त्रिपाठी की शिकायत पर दर्ज किया गया है. शिकायत के आधार पर नागपुर शहर साइबर पुलिस थाने में यूट्यूबर मनीष कश्यप और इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर देसी बॉयज (desi_boysncr), हर्षित राठी तथा अंकलेश इनवाते (akkaspeaks) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

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FIR में किस बात का है जिक्र?
एफआईआर के अनुसार, आरोप है कि इन सभी ने अपने यूट्यूब और इंस्टाग्राम खातों से इथेनॉल और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर ऐसे वीडियो और पोस्ट साझा किए, जिनमें भ्रामक और तथ्यहीन जानकारी प्रकाशित की गई. शिकायत में कहा गया है कि इन सामग्रियों से लोगों के बीच भ्रम फैलने और सरकार की छवि प्रभावित होने की आशंका है.

नितिन गडकरी को लेकर गलत जानकारी फैलाने का आरोप
एफआईआर में चारों सोशल मीडिया खातों के यूट्यूब और इंस्टाग्राम लिंक के साथ उन वीडियो और पोस्ट का भी उल्लेख किया गया है, जिन्हें शिकायतकर्ता ने आपत्तिजनक और भ्रामक बताया है. शिकायत के अनुसार, इन पोस्टों में इथेनॉल से जुड़े दावों को बिना प्रमाण के प्रस्तुत किया गया और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को लेकर भी कथित रूप से गलत जानकारी प्रसारित की गई.

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इन धाराओं में मामला दर्ज
नागपुर साइबर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 352, 356 और 296 तथा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री की सत्यता तथा उसके प्रभाव का परीक्षण किया जा रहा है.

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