चुनाव आयोग ने केंद्र को भेजा ₹500 करोड़ का बजट, नई EVM मशीनों की तैयारी

निर्वाचन आयोग (EC) ने 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. आयोग ने केंद्र सरकार को 500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट भेजा है.

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जानकारी के मुताबिक, उन्नत तकनीक की मदद से नई मशीनों की कीमत सस्ती होगी. (Photo: PTI) जानकारी के मुताबिक, उन्नत तकनीक की मदद से नई मशीनों की कीमत सस्ती होगी. (Photo: PTI)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 22 जून 2026,
  • अपडेटेड 8:27 PM IST

2029 के लोकसभा चुनावों में तीन साल से भी कम समय रह गया है. निर्वाचन आयोग ने एक देश एक चुनाव के साथ संभावित परिसीमन और बढ़ने वाले चुनाव क्षेत्र, बूथ और ईवीएम को ध्यान में रखते हुए 500 करोड़ रुपये से अधिक का बजट केंद्र सरकार को भेजा है. 

परिसीमन के बाद देश भर में मतदान केंद्रों की संख्या 10 लाख 53 हज़ार से करीब 46 फीसदी बढ़कर 2029 में 15 लाख 39 हज़ार का आंकड़ा पार कर जाएगी. नई ईवीएम और वीवीपीएटी मशीनों की जरूरत होगी. पुरानी रिटायर होंगीं, यानी करीब कुल करीब 25 लाख मशीनों की जरूरत पड़ेगी.  

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आयोग के सूत्रों के अनुसार, 500 करोड़ रुपये से अधिक के बजट में अनुमानित लागत पर 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट (सीयू) खरीदने की योजना है. इस संबंध में आयोग ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है. जिसमें 2029 में होने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनावों के सुचारू और निर्बाध संचालन के लिए आवश्यक आवश्यकताओं का हवाला दिया गया है.

इन मशीनों का निर्माण और आपूर्ति गुणवत्ता जांच मार्च 2027 तक होने का अनुमान है. केंद्र सरकार के व्यय विभाग ने खरीद के लिए पहले ही लगभग 512.4 करोड़ रुपये स्वीकृत कर रखे हैं. उन्नत तकनीक और स्वदेशी कलपुर्जों से निर्माण की वजह से नई मशीनों की कीमत सस्ती होगी. लिहाजा इस मद में एक बैलेट यूनिट की कीमत 8,577 रुपये तय की गई है. 

यह रकम 2024 की तुलना में लगभग 6% कम है. प्रति कंट्रोल यूनिट कीमत 9,737 रुपये होगी. यह भी पिछली खरीद के मुकाबले लगभग 7% कम है. अभी आयोग के पास लगभग 30.77 लाख बैलेट यूनिट और 22.14 लाख कंट्रोल यूनिट हैं. 

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ये दोनों मशीन मिलकर ईवीएम बनती है. इसके साथ लगभग 24 लाख वीवीपीएटी हैं. इन मशीनों में से 2013-14 में बनी मशीनों में से कई 2029 तक रिटायर हो जाएंगी. नई मशीनों की खरीद का एक और प्रमुख कारण यह भी है कि नए नियम के अनुसार प्रति बूथ पर अब डेढ़ हजार की बजाय औसतन 1,200 मतदाताओं की संख्या के साथ मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ गई है. 

परिसीमन के बाद उसमें मामूली बढ़ोतरी भी हो सकती है. 2029 के आम चुनाव और साथ ही विधानसभा चुनावों के लिए आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र और जम्मू एवं कश्मीर में अनुमानित 15.39 लाख हो जाएगी.

अब 2013-14 बैच की मशीनों में से अधिकतर के रिटायर होने के बाद स्टॉक में 3.57 लाख बैलेट यूनिट और 1.25 लाख कंट्रोल यूनिट की संभावित कमी होगी. आम तौर पर, चुनाव आयोग हर मतदान केंद्र के लिए दो सेट ईवीएम उपलब्ध कराता है. इसके अलावा, लगभग 70% बीयू, 25% सीयू और 35% वीवीपीएटी को प्रथम स्तर की जांच में किसी भी खराबी की स्थिति में रिजर्व के रूप में रखा जाता है.

राष्ट्रीय भंडार और चुनाव याचिका संबंधी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए, चुनाव आयोग को 30.48 लाख बैलेट यूनिट और 21.92 लाख कंट्रोल यूनिट की आवश्यकता होगी.

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