CJP का प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी, सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ी, कई नेताओं ने दिया समर्थन

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी का पेपर लीक विरोधी प्रदर्शन 23वें दिन भी जारी रहा. अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल के 15वें दिन सोनम वांगचुक का रक्तचाप 104/66 एमएम एचजी दर्ज किया गया और उनका 7.8 किलोग्राम वजन कम हो चुका है. समाजवादी पार्टी सांसद पुष्पेंद्र सरोज और के.के. शैलजा समेत कई नेताओं ने आंदोलन का समर्थन किया. संगठन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पीड़ित परिवारों को मुआवजा और 20 जुलाई को संसद मार्च की घोषणा की है.

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20 जुलाई को मार्च निकलेगी CJP. Photo PTI 20 जुलाई को मार्च निकलेगी CJP. Photo PTI

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 11:29 PM IST

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन रविवार को 23वें दिन में प्रवेश कर गया. इस बीच अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है.

CJP की ओर से जारी स्वास्थ्य अपडेट के मुताबिक, भूख हड़ताल के 15वें दिन वांगचुक का रक्तचाप 104/66 एमएम एचजी दर्ज किया गया. हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन 7.8 किलोग्राम तक कम हो चुका है. पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी साझा करते हुए सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने की अपील की.

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रविवार को प्रदर्शन स्थल पर समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज पहुंचे और आंदोलन का समर्थन किया. इसके अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री के.के. शैलजा, पूर्व मंत्री के.एन. बालगोपाल और पी. राजीव ने भी प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता जताई.

के.के. शैलजा ने क्या कहा?
के.के. शैलजा ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाएं गंभीर मामला हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का भी समर्थन किया.

CJP का आरोप है कि पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है. संगठन ने मांग की है कि NEET पेपर लीक मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें.

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प्रदर्शन के दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग जुटे. अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि 23वें दिन प्रदर्शन स्थल लोगों से खचाखच भरा रहा.

AISA के सदस्य भी अनशन पर बैठे
उधर, भाकपा (माले) लिबरेशन से जुड़े ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य नेहा, मनीष, दीपक कुमार वर्मा और आमीन भी जंतर-मंतर पर अलग मंच से भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं.

सोनम वांगचुक ने क्या अपील की थी
शनिवार को सोनम वांगचुक ने लोगों से किसी और में नायक तलाशने के बजाय खुद अपनी जिम्मेदारियां निभाने की अपील की थी. उन्होंने कहा था कि वह कोई आधुनिक गांधी या नायक नहीं, बल्कि एक सामान्य नागरिक हैं. साथ ही उन्होंने लोगों से 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल होने का आह्वान भी किया.

20 जुलाई को मार्च निकालने की घोषणा
CJP ने 20 जुलाई, यानी संसद के मानसून सत्र के पहले दिन, संसद तक मार्च निकालने की घोषणा की है. संगठन का यह प्रदर्शन 20 जून से जारी है, जबकि सोनम वांगचुक 28 जून को आंदोलन से जुड़े थे और तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं.

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