Cyclone Yaas: दुकानों में घुसा पानी तो औने-पौने दाम में बिके सामान, सस्ती आइसक्रीम खरीदने को उमड़ी भीड़

पश्चिम बंगाल के दीघा में तूफान के बाद दुकानों में पानी भर गया तो दुकानदारों ने पानी में नष्ट होने से बचाने के लिए सामानों को औने-पोने दामों में बेचना शुरू कर दिया. सबसे ज्यादा आइसक्रीम की बिक्री हुई. चूंकि दुकानों में पानी भर चुका था, इलेक्ट्रिसिटी काट दी गई थी, ऐसे में फ्रिज में रखी आइसक्रीम खराब हो जाती, इसलिए दुकानदारों ने कम दाम में ही अपनी आइसक्रीम बेच दी.

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साइक्लोन यास का कहर (फ़ोटो- पीटीआई) साइक्लोन यास का कहर (फ़ोटो- पीटीआई)

अनुपम मिश्रा

  • कोलकाता ,
  • 26 मई 2021,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST
  • बंगाल के कई हिस्सों में चक्रवात यास का असर
  • दीघा में तूफान के बाद दुकानों में भर गया पानी

Cyclone Yaas Effect: भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ चक्रवाती तूफान यास (Cyclone Yaas) ओडिशा के तटीय इलाकों में प्रवेश कर चुका है. इसके असर के चलते ओडिशा-बंगाल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है. इस तूफान के दौरान हवा की गति 130 किलोमीटर प्रति घंटे से लेकर 155 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है.

पश्चिम बंगाल में कई इलाकों में तूफान का भारी असर देखने को मिला. राज्य के दीघा में तूफान के बाद दुकानों में पानी भर गया तो दुकानदारों ने पानी में नष्ट होने से बचाने के लिए सामानों को औनेपोने दामों में बेचना शुरू कर दिया. सबसे ज्यादा आइसक्रीम की बिक्री हुई. चूंकि दुकानों में पानी भर चुका था, इलेक्ट्रिसिटी काट दी गई थी, ऐसे में फ्रिज में रखी आइसक्रीम खराब हो जाती, इसलिए दुकानदारों ने कम दाम में ही अपनी आइसक्रीम बेच दी. तूफान के दौरान ही कम दामों में बिक रही है आइसक्रीम खाने के लिए लोगों की भीड़ जुट गई और मिनटों में आइसक्रीम से भरा पूरा का पूरा फ्रिज खाली हो गया.

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दरअसल, दीघा में पहली बार ऐसा हुआ है कि जब समुद्र का पानी समुद्र तट से 2 किलोमीटर अंदर तक आ गया और यहां पर मौजूद दुकानों में समुद्र का पानी भर गया. इस वजह से दुकानदारों को आननफानन सामान बेचना पड़ा. दीघा के तटीय इलाकों में सैकड़ों घरों में पानी भर गया, हालांकि, अब तक किसी की जान का नुकसान नहीं हुआ है. राज्य के सुंदरवन समेत अन्य जिलों में भी तूफान का भारी असर देखने को मिल रहा है.

साइक्लोन से हुगली में तबाही

तूफान की गंभीरता को देखते हुए बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मंगलवार से ही सचिवालय में मौजूद हैं और बचाव कार्यों का जायजा ले रही हैं. 24 परगना में तटीय इलाकों से ढाई लाख लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया गया है. कुल मिलाकर करीब 9 लाख लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है.

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पिछले साल लॉकडाउन के दौरान पश्चिम बंगाल में अम्फान तूफान का कहर बरपा था, जो कि सुपर साइक्लोन था. लेकिन साइक्लोन यास की इंटेंसिटी अम्फान से कुछ कम बताई जा रही है. कैटेगरी कि हिसाब से अगर हम देखें तो सुपर साइक्लोन अम्फान की कैटेगरी से अति शक्तिशाली यास की कैटेगरी 2 डिग्री कम बताई जा रही है. 

अम्फान के दौरान हवाओं की रफ्तार 260 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई थी. पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार प्रशासन की ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है क्योंकि अम्फान तूफान में पश्चिम बंगाल में काफी नुकसान हुआ था. नुकसान के हिसाब से अम्फान को अब तक का सबसे विनाशकारी तूफान बताया गया है. इसी लिहाज से इस बार कोशिश की जा रही है ज्यादा से ज्यादा एहतियात बरती जाए.

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