'लक्षण नहीं तो जांच नहीं' Corona संक्रमितों के लिए सरकार ने बदले नियम

Corona latest Update: स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना पीड़ित मरीजों को डिस्चार्ज करने की नीति में भी बदलाव किया है. इसके तहत रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अगर तीन दिन तक बुखार न आए तो मरीज को डिस्चार्ज माना जा सकता है और इसके बाद टेस्टिंग कराने की आवश्यकता नहीं है. 

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 कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है. (सांकेतिक तस्वीर) कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है. (सांकेतिक तस्वीर)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 9:58 PM IST
  • भारत में ओमिक्रॉन से अब तक 1 मौत
  • देश में कोविड के सक्रिय मामले 9,55,319
  • भारत में COVID मामलों में तेज उछाल

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के हवाले से बताया कि कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट की तुलना में ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है. अच्छी खबर यह है कि ओमिक्रॉन से अस्पताल में भर्ती होने का खतरा डेल्टा की अपेक्षा काफी कम है.  दक्षिण अफ्रीका, यूके, कनाडा, डेनमार्क में कोरोना के डेटा से पुष्टि हुई है. ओमिक्रॉन के कारण विश्व स्तर पर कुल 115 मौतों की पुष्टि हुई है और भारत में इस नए वैरिएंट से 1 मौत हुई है.

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सरकार ने कोरोना मामलों की समीक्षा के बाद मरीजों की स्थिति को तीन भागों में बांट दिया है- हल्के, मध्यम और गंभीर. साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना पीड़ित मरीजों को डिस्चार्ज करने की नीति में भी बदलाव किया है. इसके तहत रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अगर तीन दिन तक बुखार न आए तो मरीज को डिस्चार्ज माना जा सकता है और इसके बाद टेस्टिंग कराने की आवश्यकता नहीं है. 

वहीं, मध्यम लक्षण वाले मरीजों को भी अगर लगातार तीन दिन तक बुखार नहीं आता है और उसका ऑक्सीजन सैचुरेशन बिना ऑक्सीजन सपोर्ट के 93 फीसदी से ज्यादा रहता है, तो ऐसे मरीजों को भी डॉक्टर की सलाह पर डिस्चार्ज किया जा सकता है. इस दौरान भी टेस्टिंग की जरूरत नहीं है. चाहे फिर वह अस्पताल में हों या होम आइसोलेशन में हों.

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इसके अलावा, जिन गंभीर मरीजों को ऑक्सीजन लगातार दी जा रही हो और उनका ऑक्सीजन सैचुरेशन स्तर ठीक नहीं न हो, तो उनके ठीक होने तक इलाज चलना चाहिए. ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर ही डिस्चार्ज किया जाना चाहिए. 

स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने जानकारी दी कि भारत में COVID मामलों में तेजी से उछाल देखा जा रहा है. महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, तमिलनाडु, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, केरल और गुजरात में कोरोना वायरस के बढ़ते मामले चिंता का विषय हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में सबसे ज्यादा पॉजिटिविटी रेट महाराष्ट्र में 22.39% दर्ज की गई है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल में 32.18%, दिल्ली में 23.1% और यूपी में 4.47% दर है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि कोविड मामले भारत ही नहीं, विश्व स्तर पर 159 देशों में बढ़ रहे हैं. यूरोप के आठ देशों में पिछले दो सप्ताह में 2 गुना से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है. 12 जनवरी के आंकड़ों के मुताबिक, देश में सक्रिय मामलों की संख्या 9,55,319 के करीब पहुंच गई है. 

वहीं, दुनिया में पिछले एक हफ्ते में 25,13,144 मामले देखने को मिले हैं. साथ ही विश्व में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या बढ़कर 4 करोड़ 49 लाख के करीब हो चुकी है. एक दिन के भीतर अब तक के सबसे ज्यादा 31.59 लाख मामले वैश्विक स्तर पर दर्ज किए गए हैं.

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