BRICS Summit Live News: भारत की मेजबानी में हो रहे 18वें ब्रिक्स समिट का आज दूसरा और आखिरी दिन है. नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS नेता पहुंचे. सभी ने राउंडटेबल मीटिंग में हिस्सा लिया. इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स देशों के नेताओं के साथ कई द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे. इनमें कजाखस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी के समेत सात देशों के नेताओं के साथ मुलाकात शामिल है.
समिट के दूसरे दिन का ओपन सेशन भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के चार प्रमुख स्तंभों- रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर केंद्रित रहा. इसमें सदस्य देशों के बीच सहयोग मजबूत करने और वैश्विक विकास को ज्यादा समावेशी बनाने पर चर्चा हुई. साथ ही बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था और ग्लोबल साउथ से जुड़े मुद्दों पर भी नेता अपने विचार रखे.
समिट के पहले दिन ब्रिक्स देशों ने नई दिल्ली घोषणा 2026 को सर्वसम्मति से मंजूर किया था. इसमें व्यापार, आतंकवाद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संस्थागत सुधार समेत कई मुद्दों पर साझा रुख सामने आया.
BRICS Summit के दूसरे दिन के तमाम अपडेट के लिए बने रहिए आजतक के इसी लाइव पेज पर...
18वें ब्रिक्स समिट के दूसरे और आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ब्रिक्स नेताओं ने भारत मंडपम में फैमिली फोटो खिंचवाई. इस तस्वीर में पीएम मोदी के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन समेत कई देशों के नेता नजर आए. समिट के दूसरे दिन के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद नेताओं की यह फैमिली फोटो सामने आई है.
फैमिली फोटो के बाद 18वें ब्रिक्स समिट के समापन की तस्वीर भी सामने आई. इस समिट में भारत ने ब्रिक्स की अध्यक्षता की और नई दिल्ली में दो दिनों तक दुनिया के कई देशों के नेताओं की अहम बैठकें हुईं. फैमिली फोटो में प्रधानमंत्री मोदी के साथ चीन, रूस और दक्षिण अफ्रीका समेत ब्रिक्स देशों और पार्टनर देशों के कई प्रतिनिधि शामिल हुए.
दिल्ली में विदेश मामलों के एक्सपर्ट रॉबिंदर सचदेवा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई बैठक को लेकर अपनी राय दी. उन्होंने कहा कि इस बातचीत की सबसे बड़ी बात यह रही कि दोनों नेताओं के बीच बातचीत बेहद सकारात्मक और सहयोगी माहौल में हुई. उन्होंने कहा कि बैठक से कुछ ऐसे नतीजे भी सामने आए हैं, जो भारत और चीन के बीच बढ़ते सहयोग की ओर इशारा करते हैं.
रॉबिंदर सचदेवा ने कहा कि भारत-चीन के द्विपक्षीय रिश्तों में दो बड़ी कमियां हैं- एक भरोसे की और दूसरी व्यापार की. भरोसे की कमी मुख्य रूप से सीमा प्रबंधन के मुद्दे से जुड़ी है, जबकि व्यापार का घाटा दोनों देशों के बीच ट्रेड से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि दोनों मोर्चों पर धीरे-धीरे प्रगति हो रही है. यह प्रक्रिया दो साल पहले कजान में हुए ब्रिक्स समिट के दौरान शुरू हुई थी और इसके बाद समझ और सहयोग में लगातार आगे बढ़ने के कदम उठाए गए. पिछले एससीओ समिट में भी आगे कदम उठे, जिसमें भारत ने चीनी पर्यटकों के लिए वीजा जारी करना शुरू किया और भारत-चीन के बीच फ्लाइट्स भी शुरू हुईं.
अब चीन ने भारत के लिए और फ्लाइट्स शुरू करने का ऐलान किया है. एक्सपर्ट ने कहा कि जैसे-जैसे दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ेगा, भरोसे की कमी भी कम होगी. ट्रेड को लेकर उन्होंने कहा कि भारत ज्यादा मार्केट एक्सेस चाहता है और चीन भी भारत से ज्यादा मार्केट एक्सेस चाहता है. दोनों देश इस दिशा में काम कर रहे हैं. कुल मिलाकर उन्होंने मोदी-जिनपिंग की इस बैठक को ए या ए प्लस ग्रेड दिया.
विजयवाड़ा में आंध्र प्रदेश बीजेपी नेता शेख बाजी ने ब्रिक्स नई दिल्ली घोषणा को लेकर बयान दिया है. उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में ब्रिक्स समिट हुआ. इस दौरान सामने आई एक प्रमुख तस्वीर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नजर आए, जिसमें पीएम मोदी बीच में खड़े थे. शेख बाजी ने कहा कि इस तस्वीर ने दुनिया को बड़ा संदेश दिया है कि भारत वास्तव में ऊपर उठ चुका है.
शेख बाजी ने कहा कि ब्रिक्स में शामिल ये देश दुनिया की करीब 50 फीसदी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और दुनिया की लगभग 40 फीसदी जीडीपी में हिस्सेदारी रखते हैं. उन्होंने कहा कि इन देशों के बीच भारत ने अहम भूमिका निभाई है. शेख बाजी ने कहा कि इस तरह की लीडरशिप के साथ भारत दुनिया के देशों के बीच एक प्रमुख स्थान हासिल करेगा.
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओपन सेशन को संबोधित किया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में चार स्तंभों- रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर पूरा फोकस किया गया. उन्होंने कहा कि सदस्य देशों के सहयोग और समर्थन से साझा विजन को 'विन-विन सहयोग' में बदलने में सफलता मिली है.
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स लॉजिस्टिक्स सप्लाई चेन कोऑपरेशन फ्रेमवर्क सप्लाई चेन को ज्यादा भरोसेमंद और मजबूत बनाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता के दौरान इन चारों स्तंभों को ध्यान में रखते हुए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश की गई है.
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर अहम बात कही. उन्होंने कहा कि इनका हथियार की तरह इस्तेमाल ब्रिक्स देशों की साझा तरक्की में रुकावट डाल सकता है. पीएम मोदी ने साथ ही टेक्नोलॉजी को अपनाने में सभी देशों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया.
पढ़ें पूरी स्टोरी- 'टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स को हथियार बनाना साझा तरक्की में रोड़ा', BRICS के मंच से PM मोदी का बड़ा मैसेज
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली 2026 ब्रिक्स समिट में शामिल होने के बाद दिल्ली से रवाना हो गए हैं. उन्होंने नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट में हिस्सा लिया.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए हैं. माना जा रहा है कि वह बीजिंग वापस जा रहे हैं. इससे पहले उन्होंने दूसरे दिन के कार्यक्रम में पीएम मोदी का संबोधन सुना और इससे पहले सभी नेताओं के साथ फैमिली फोटो भी खिंचवाई.
18वें ब्रिक्स समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इन्क्लूसिव ग्लोबल गवर्नेंस और मल्टीलेटरलिज्म को मजबूत करने’ वाले सेशन की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ ग्लोबल क्राइसिस की फ्रंट रो में है, लेकिन फैसले लेने में बैक रो में. हमें ‘पिरामिड ऑफ प्रिविलेज’ को ‘प्लेटफॉर्म ऑफ पार्टनरशिप’ में बदलना होगा.
ग्लोबल गवर्नेंस को आज की हकीकत को दिखाना चाहिए और यूएन सिक्योरिटी काउंसिल जैसे संस्थानों में ज्यादा प्रतिनिधित्व होना चाहिए. ग्लोबल साउथ को रूल टेकर से रूल शेपर बनाने की दिशा में भी काम करना होगा. ब्रिक्स के जरिए ग्लोबल साउथ के युवा डिप्लोमैट्स और पॉलिसीमेकर्स को नेगोशिएशन स्किल्स, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग और लीगल एक्सपर्टीज दी जा सकती है.
पीएम मोदी ने कहा कि सीफेयरर्स ग्लोबल ट्रेड में अहम योगदान देते हैं, लेकिन संकट के समय उन्हें अक्सर पर्याप्त मदद नहीं मिलती. इसलिए उन्होंने सीफेयरर्स इमरजेंसी सपोर्ट नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव रखा. पीएम मोदी ने कहा कि हमारा भविष्य साझा है, इसलिए उस भविष्य को आकार देने का अधिकार भी साझा होना चाहिए, आवाज से असर तक और विशेषाधिकार से साझेदारी तक. सेशन के अंत में न्यू दिल्ली ब्रिक्स लीडर्स डिक्लेरेशन को अपनाया गया, जिसमें आगे ब्रिक्स सहयोग के लिए साझा प्राथमिकताओं, प्रतिबद्धता और दिशा तय की गई.
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज दुनिया में तनाव लगातार बढ़ रहे हैं, जिसका आम लोगों की जिंदगी पर बड़ा और व्यापक नकारात्मक असर पड़ रहा है. महामारी, जलवायु आपदा और सप्लाई चेन में रुकावटों ने दिखाया है कि आज की आपस में जुड़ी दुनिया में कोई भी संकट सिर्फ एक इलाके तक सीमित नहीं रहता. इसलिए हमने ब्रिक्स के भीतर रेजिलिएंस बढ़ाने पर खास जोर दिया है.
पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों की समय रहते पहचान करना, उनके लिए तैयार रहना और तुरंत कार्रवाई करना भी उतना ही जरूरी है. इसी सोच के साथ संक्रामक बीमारियों की रोकथाम और उनसे निपटने के लिए ब्रिक्स इंटीग्रेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम पर सहमति बनी है. इसके अलावा आपदा प्रबंधन के लिए अर्ली वार्निंग डेटा इंटीग्रेशन गाइडलाइंस भी तैयार की गई हैं.
ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत की अध्यक्षता में हमने अपने सभी प्रयास चार स्तंभों पर केंद्रित किए हैं. इनमें रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी शामिल हैं. पीएम मोदी ने कहा कि सभी के सहयोग और समर्थन से हम अपने साझा विजन को विन-विन कोलैबोरेशन में बदलने में कामयाब रहे हैं.
पीएम मोदी ने ब्रिक्स नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि छोटे उद्यमों को नॉलेज, फाइनेंस और नए मार्केट से जोड़ने के लिए ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल का इनिशिएटिव लिया गया है. वहीं हमारे शहरों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस साझा करने के लिए ब्रिक्स अर्बन मोबिलिटी हब की स्थापना की गई है.
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति को मां का दर्जा दिया गया है. सदियों से हमारी मान्यता रही है कि विकास और पर्यावरण एक-दूसरे के विकल्प नहीं, बल्कि पूरक हैं. ब्रिक्स में भी हमने मानव विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन पर बल दिया है. यही सस्टेनेबिलिटी का आधार है और यह भावी पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है.
उन्होंने कहा कि स्मार्ट ग्रिड्स और एनर्जी स्टोरेज के लिए ब्रिक्स डिजिटल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाया गया है. यह हमारे क्लीन एनर्जी सिस्टम को अधिक रिलायबल, एफिशिएंट और एक्सेसिबल बनाने में मदद करेगा. एग्रो इकोलॉजी और रिजेनरेटिव एग्रीकल्चर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पारंपरिक ज्ञान को मॉडर्न साइंस से जोड़ेंगे. कम्युनिटी बेस्ड क्लाइमेट एडाप्टेशन के लिए तैयार किए गए सिद्धांत इंडिजिनस नॉलेज को क्लाइमेट एक्शन का महत्वपूर्ण आधार बनाएंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि इन चारों स्तंभों पर आगे बढ़ते हुए ब्रिक्स के माध्यम से हमने इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ को बढ़ावा देने का प्रयास किया है. हमारा मानना है कि ब्रिक्स में विकसित सॉल्यूशंस का लाभ केवल ब्रिक्स तक सीमित नहीं रहना चाहिए.
ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में विश्व नेताओं के साथ फैमिली फोटो खिंचवाई.
ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस, बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का स्वागत किया.
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो’ सेरी अनवर इब्राहिम से ब्रेकफास्ट मीटिंग के दौरान मुलाकात की.
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ब्रिक्स समिट के लिए भारत आए हैं. बीते दिन उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता हुई थी.
ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम में नेताओं का पहुंचना जारी है. सऊदी विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान अल सऊद और कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव भारत मंडपम पहुंचे.
वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत मंडपम में युगांडा की उपराष्ट्रपति जेसिका अलुपो का स्वागत किया.
फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड आर. मार्कोस ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंच गए हैं.
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंचे. वह ब्रिक्स समिट के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं.
बुरुंडी के राष्ट्रपति एवरिस्ट नदायिशिमिये ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंचे. वह ब्रिक्स समिट के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं.
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंचे. वह ब्रिक्स समिट के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं.
नाइजीरिया के उपराष्ट्रपति काशिम शेट्टिमा ब्रिक्स समिट 2026 के दूसरे दिन नई दिल्ली के भारत मंडपम पहुंचे. वे ब्रिक्स समिट के कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए यहां पहुंचे हैं.
आज रविवार को ब्रिक्स के ओपन सेशन के लिए विश्व के नेता भारत मंडपम पहुंच रहे हैं. इस सेशन में ब्रिक्स के केंद्रीय थीम के चार प्रमुख स्तंभों यानी रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी पर फोकस रहेगा. इस सेशन का शीर्षक ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ है. यह सेशन नई दिल्ली के भारत मंडपम के अंदर समिट हॉल में आयोजित होगा.
18वें ब्रिक्स समिट के दूसरे और आखिरी दिन रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में कई अहम कार्यक्रम होंगे. दिन की शुरुआत सुबह 9:55 बजे पार्टनर देशों और आउटरीच नेताओं के आगमन से होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आमंत्रित देशों के नेताओं का स्वागत करेंगे, जिनमें मलेशिया, बेलारूस, कजाखस्तान, नाइजीरिया और युगांडा शामिल हैं.
सुबह 10:35 बजे ब्रिक्स फैमिली फोटो होगी. इसमें सभी प्रमुख सदस्य देशों, पार्टनर देशों और आउटरीच प्रतिनिधियों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल होंगे. इसके बाद सुबह 10:50 बजे मेन ओपन सेशन होगा. इसका विषय ‘रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ’ है. इसमें ग्लोबल साउथ रिफॉर्म, अल्टरनेटिव क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच जैसे मुद्दों पर फोकस रहेगा.
दोपहर 1:30 बजे से पीएम मोदी की बाइलेट्रल मीटिंग्स शुरू होंगी. प्रधानमंत्री सात देशों के नेताओं के साथ वन-ऑन-वन बातचीत करेंगे. इनमें साउथ अफ्रीका, मिस्र और कजाखस्तान समेत सात देश शामिल हैं. इन बैठकों में रीजनल ट्रेड रूट्स, एनर्जी सिक्योरिटी और डिफेंस कोऑपरेशन जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी.
शाम 4 बजे पीएम मोदी ब्रिक्स की चेयरमैनशिप चीन को सौंपेंगे. इसके बाद शाम 5 बजे भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारी समिट की कॉन्क्लूडिंग प्रेस ब्रीफिंग करेंगे और पहले दिन अपनाई गई न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन के क्रियान्वयन पर जानकारी देंगे.
ब्रिक्स समिट के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और दूसरे ब्रिक्स नेताओं के बीच कई गर्मजोशी भरे पल देखने को मिले. इस दौरान नेताओं ने हाथ मिलाया, मुस्कुराते हुए बातचीत की और ग्रुप फोटो भी खिंचवाई.
एक तस्वीर में पीएम मोदी शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन का हाथ थामे हुए नजर आ रहे हैं. तीनों नेता कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे हैं. क्रीम रंग की नेहरू जैकेट पहने पीएम मोदी के एक तरफ शी जिनपिंग और दूसरी तरफ पुतिन खड़े हैं. उनके साथ अधिकारी और सहयोगी भी मौजूद हैं.
ब्रिक्स समिट के दूसरे दिन रविवार को ब्रिक्स नेता रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन और सस्टेनेबिलिटी जैसे अहम मुद्दों पर ओपन सेशन करेंगे. इस सेशन का शीर्षक "रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी: शेपिंग द फ्यूचर फॉर इनक्लूसिव ग्लोबल ग्रोथ" है. यह सेशन नई दिल्ली के भारत मंडपम के अंदर समिट हॉल में आयोजित होगा. यह ओपन सेशन भारत की मेजबानी में 12-13 सितंबर को आयोजित हो रहे दो दिवसीय ब्रिक्स समिट का हिस्सा है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शनिवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ब्रिक्स नेताओं और प्रतिनिधियों के लिए आयोजित गाला डिनर में कई राज्यों के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए. केंद्रीय संसदीय कार्य और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी इस आयोजन की झलकियां शेयर कीं और कहा कि भारत को ब्रिक्स समिट की मेजबानी करने पर गर्व है.
ब्रिक्स समिट के दूसरे और आखिरी दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे. रविवार को पीएम मोदी साउथ अफ्रीका, कजाकिस्तान, फिलीपींस, मिस्र, बुरुंडी, युगांडा और नाइजीरिया के नेताओं से मुलाकात करेंगे. समिट के दूसरे दिन ब्रिक्स सदस्य और पार्टनर देशों के नेता पीएम मोदी के साथ ओपन सेशन में भी हिस्सा लेंगे. वहीं, समिट के आखिरी दिन सात देशों के नेताओं के साथ पीएम मोदी की होने वाली बाइलेट्रल बैठकें भी कार्यक्रम का अहम हिस्सा होंगी.
BRICS समिट 2026 का दूसरा दिन रविवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू होगा. सदस्य देशों के नेता अहम आउटरीच कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. BRICS का कार्यक्रम सुबह करीब 10 बजे शुरू होगा और करीब 10:30 बजे संयुक्त फोटो सेशन भी होगा.
दूसरे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें होंगी. पीएम मोदी कजाकिस्तान, मिस्र, युगांडा और बुरुंडी समेत BRICS समूह के कई नेताओं से मुलाकात करेंगे. इन बैठकों में द्विपक्षीय रिश्तों और साझा हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है.