शीतकालीन सत्र से पहले कांग्रेस को मिल गया बड़ा मुद्दा! अडानी का मामला उठा सकता है विपक्ष

कांग्रेस और विपक्षी दल अडानी से जुड़े आरोपों और हाल ही में अमेरिकी अदालत में अभियोग के मुद्दे पर BJP को घेरने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, सत्ताधारी बीजेपी सियासी तूफान का मुकाबला करने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के साथ खुद को तैयार कर रही है.

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संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा. संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू होगा.

ऐश्वर्या पालीवाल

  • नई दिल्ली,
  • 21 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:51 PM IST

संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से शुरू हो रहा है, जो 20 दिसंबर तक चल सकता है. सत्र शुरू होने से पहले ही कांग्रेस को सवाल उठाने के लिए एक बड़ा मुद्दा मिल गया है. संसद के शीतकालीन सत्र में अडानी से जुड़े नए मुद्दे को लेकर बहस छिड़ने के पूरे आसार हैं.

कांग्रेस और विपक्षी दल उद्योगपति से जुड़े आरोपों और हाल ही में अमेरिकी अदालत में अभियोग के मुद्दे पर BJP को घेरने की तैयारी कर रहे हैं. वहीं, सत्ताधारी बीजेपी सियासी तूफान का मुकाबला करने के लिए एक सुनियोजित रणनीति के साथ खुद को तैयार कर रही है.

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अमेरिकी अदालत की रिपोर्ट का सहारा

राहुल गांधी की अगुआई में कांग्रेस ने BJP पर हमला न करते हुए पीएम मोदी और गौतम अडानी के बीच घनिष्ठ संबंध का आरोप लगाया है और उनके रिश्ते को 'मोदानी' करार दिया है. विपक्ष ने अमेरिकी अदालत की रिपोर्ट का सहारा लिया है, जिसमें अडानी पर सौलर एनर्जी कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए राज्य बिजली वितरण कंपनियों (SDC) को रिश्वत देने का आरोप लगाया गया है.

विपक्ष की जवाबदेही पर सवाल

जवाब में भाजपा ने आरोपों की विश्वसनीयता को चुनौती दी है. बीजेपी ने विपक्ष की जवाबदेही पर सवाल उठाते हुए पलटवार किया है.  छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश- जुलाई 2021 और फरवरी 2022 के बीच कथित रिश्वतखोरी की अवधि के दौरान विपक्षी दलों (बीजेडी, डीएमके, कांग्रेस और वाईएसआरसीपी) के शासन में थे.

क्या होगी BJP की रणनीति?

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1. विपक्षी दलों पर आरोप: भाजपा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा है कि उनकी सरकारों ने राज्य एजेंसियों को कथित रिश्वत देने की अनुमति क्यों दी. भाजपा नेता इस दौरान कांग्रेस और उसके सहयोगियों से उनकी भूमिका पर जवाब मांग रहे हैं.

2. निर्दोष होने का अनुमान: सत्तारूढ़ पार्टी ने इस बात पर जोर दिया है कि अमेरिकी अभियोग में केवल आरोप हैं, सिद्ध आरोप नहीं. उन्होंने रिपोर्ट के अपने अस्वीकरण की ओर इशारा किया है कि अभियुक्तों को तब तक निर्दोष माना जाता है जब तक कि वे दोषी साबित न हो जाएं.

3. वैश्विक बनाम घरेलू राजनीति: BJP नेताओं ने विपक्ष भारतीय कंपनी पर हमला करने के लिए विदेशी रिपोर्ट पर विपक्ष के भरोसा करने पर चिंता जताई है. बीजेपी का तर्क है कि अगर ऐसे आरोप सच हैं तो उन्हें भारतीय कानूनी ढांचे के अंदर संबोधित किया जाना चाहिए. उन्होंने समानताएं बताते हुए कहा कि भारतीय अदालतें इसी तरह भारत में भ्रष्ट आचरण के लिए अमेरिकी कंपनियों पर अभियोग लगा सकती हैं, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या विदेशी सरकारें अपनी घरेलू राजनीति में हस्तक्षेप बर्दाश्त करेंगी.

4. आरोपों का समय: भाजपा ने रिपोर्ट के समय पर सवाल उठाया है. यह सुझाव देते हुए कि यह 25 नवंबर से शुरू होने वाले शीतकालीन सत्र से पहले सरकार को अस्थिर करने की राजनीतिक रूप से प्रेरित रणनीति का हिस्सा है. पार्टी ने समय को अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प के राष्ट्रपति अभियान सहित घटनाक्रम से भी जोड़ा है, जो भू-राजनीतिक अंतर्धाराओं की ओर इशारा करता है.

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