शिरडी साईं बाबा को लेकर सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और तथ्यहीन टिप्पणियां करने के मामले में यूट्यूबर गौतम खट्टर ने राहता सीनियर डिवीजन कोर्ट में लिखित माफी मांगी है. उन्होंने कोर्ट को यह भी लिखकर दिया कि भविष्य में वह श्री साईं बाबा के बारे में कोई सार्वजनिक बयान या टिप्पणी नहीं करेंगे. गौतम खट्टर ने कहा कि उनके और साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट के बीच पिछले कुछ समय से न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी. मौजूदा परिस्थितियों और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विवाद का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का फैसला किया है.
कोर्ट में दिए अपने बयान में गौतम खट्टर ने कहा कि उनके द्वारा पहले व्यक्त किए गए विचार किसी व्यक्ति, संस्था या श्रद्धालु समुदाय की आस्था, सम्मान या प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से नहीं थे. उन्होंने कहा कि यदि उनकी बातों को किसी अन्य अर्थ में लिया गया और उससे किसी को मानसिक पीड़ा, असहमति या अप्रसन्नता हुई हो, तो वह इसके लिए गहरा खेद व्यक्त करते हैं. गौतम खट्टर ने यह भी कहा कि सामाजिक सौहार्द और आपसी सम्मान बनाए रखने के उद्देश्य से वह भविष्य में इस विषय पर किसी भी प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी या चर्चा से दूर रहेंगे.
ट्रस्ट ने दायर किए थे सिविल और आपराधिक मुकदमे
साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों से सोशल मीडिया पर श्री साईं बाबा के बारे में कथित झूठे और आपत्तिजनक बयान देने वाले कई लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की गई है. ट्रस्ट का कहना है कि गौतम खट्टर भी बार-बार सोशल मीडिया के माध्यम से साईं बाबा के बारे में कथित तथ्यहीन और बदनाम करने वाले बयान दे रहे थे. इसके बाद ट्रस्ट ने राहता सीनियर डिवीजन कोर्ट में उनके खिलाफ सिविल और आपराधिक मुकदमे दायर किए थे.
माफी के बाद ट्रस्ट ने वापस लिया मुकदमा
साईं बाबा मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने बताया कि गौतम खट्टर ने राहता कोर्ट में लिखित माफी दाखिल की है. इसके बाद ट्रस्ट ने उनके खिलाफ दायर दावा वापस ले लिया है. उन्होंने बताया कि गौतम खट्टर ने पहले भी अपने कथित आपत्तिजनक वीडियो हटाने की जानकारी दी थी और शेष वीडियो भी हटाने का आश्वासन दिया है. साथ ही उन्होंने कोर्ट में यह भी कहा है कि भविष्य में उनके माध्यम से साईं बाबा या उनके श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कोई व्यवहार नहीं होगा.
पहले भी कई लोगों पर हुई कार्रवाई
गोरक्ष गाडिलकर ने बताया कि इससे पहले पंडित अजय गौतम के खिलाफ भी ट्रस्ट ने सिविल और आपराधिक मुकदमे दायर किए थे. बाद में उन्होंने भी राहता कोर्ट पहुंचकर लिखित माफी दी और साईं बाबा के दर्शन किए थे. उन्होंने कहा कि जैन मुनि विमल सागर के खिलाफ भी ट्रस्ट ने सिविल मुकदमा दायर किया है. इसके अलावा दक्षिण भारत के कुछ लोगों के खिलाफ 10 से 12 एफआईआर दर्ज कराई गई हैं. उनके खिलाफ भी अगले कुछ दिनों में सिविल और आपराधिक मुकदमे दायर किए जाएंगे. ट्रस्ट का कहना है कि श्री साईं बाबा और उनके श्रद्धालुओं के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ आगे भी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी.
नितिन मिराणे